Suzlon Energy के शेयरों में आज 18 अक्टूबर को 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है। कंपनी के शेयर 30.95 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं, जो कि इसका 52-वीक हाई है। यह लगातार तीसरा दिन है जब कंपनी के शेयरों में अपर सर्किट लगा है। कंपनी को हाल ही में कई बड़े ऑर्डर मिले हैं और इसके साथ ही सरकार रिन्यूएबल एनर्जी को लगातार बढ़ावा दे रही है। कई विंड पावर प्रोजेक्ट्स के सफल अधिग्रहण और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के चलते भी सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। यही वजह है कि निवेशक इस स्टॉक में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
प्रूडेंट इक्विटी के फाउंडर और CIO सिद्धार्थ ओबेरॉय ग्रीन एनर्जी को लेकर बुलिश हैं। उन्हें इंडस्ट्री में और खास तौर पर सोलर एनर्जी में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है। बड़े और छोटे बिजनेस सोलर एनर्जी में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में मनीकंट्रोल को बताया, "यह कम महंगा और अधिक प्रभावी भी है।" आगामी सालों में प्रोडक्शन से जुड़ी इंसेंटिव स्कीम जैसे प्रोग्राम के माध्यम से सरकारी सहायता से इंडस्ट्री में बदलाव आएगा।
क्या आपको करना चाहिए निवेश?
जेएम फाइनेंशियल के एनालिस्ट्स ने कहा कि सुजलॉन एनर्जी की ऑर्डर बुक Q4 FY23 में 652 मेगावाट से बढ़कर Q1 FY24 में 1,582 मेगावाट हो गई, जिससे अगले दो सालों में अच्छी राजस्व की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने पिछली रिपोर्ट में मजबूत ऑर्डर बुक और इसके प्रदर्शन में बदलाव का हवाला देते हुए स्टॉक पर "Buy" रेटिंग के साथ पॉजिटिव रुख बनाए रखा था। जेएम फाइनेंशियल के अनुसार सुजलॉन एनर्जी विंड सेक्टर में अनुकूल मार्केट कंडीशन का लाभ उठाने के लिए तैयार है।
सुजलॉन एनर्जी ने जुटाए 2000 करोड़
सितंबर तिमाही में सुजलॉन एनर्जी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 2,000 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें से लगभग 1,500 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा और शेष का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और कैपिटल एक्सपेंडिचर जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। जेएम फाइनेंशियल ने कहा, "QIP के बाद कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त होने जा रही है।"
कैसा रहा है शेयरों का प्रदर्शन
सुजलॉन ने 2023 में 189 फीसदी की बढ़त के साथ मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। पिछले छह महीनों में स्टॉक में 286 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस शानदार प्रदर्शन ने कंपनी के मार्केट कैप को 42,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा दिया है। पिछले पांच सालों में 471 फीसदी की बढ़त के बावजूद स्टॉक अभी भी जनवरी 2008 में अपने ऑल टाइम हाई 422 रुपये से 92 फीसदी नीचे है।