Suzlon Energy Share Price: सुजलॉन में अभी नहीं दिखेगी तेजी? इन 4 कारणों से नुवामा ने घटाई रेटिंग
Suzlon Energy Share Price: मजबूत ऑर्डर बुक और ठीक ठाक नतीजों के बावजूद एक ब्रोकरेज सुजलॉन में सीमित तेजी देख रहा है, जबकि दूसरा 20% अपसाइड की उम्मीद जता रहा है। आखिर दोनों की राय में इतना अंतर क्यों है? जानिए इसके पीछे के 4 बड़े कारण।
नुवामान ने सुजलॉन के लिए 55 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।
Suzlon Energy Share Price: रिन्यूएबल और विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म Nuvama Institutional Equities ने रेटिंग घटाकर 'Hold' कर दी है। हालांकि ब्रोकरेज ने 55 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। सुजलॉन फिलहाल इसी के आसपास ट्रेड कर रहा है। Nuvama का मानना है कि तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 15% चढ़ चुका है, इसलिए मौजूदा स्तरों से बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित दिख रही है।
1. आगे ग्रोथ का अनुमान स्पष्ट नहीं
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में सुजलॉन का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5,493 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 45% ज्यादा है। इस दौरान कंपनी की ऑपरेशनल इनकम (EBITDA) 39% बढ़कर 964 करोड़ रुपये पहुंच गई। EBITDA मार्जिन करीब 18% रहा।
कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 760 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 31% अधिक है। कम टैक्स देनदारी और कुछ एकमुश्त फायदों का भी मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा। हालांकि प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2028 के बाद की ग्रोथ को लेकर कोई स्पष्ट अनुमान नहीं दिया, जिसे ब्रोकरेज ने चिंता का विषय बताया है।
2. मजबूत ऑर्डर बुक, लेकिन आगे सवाल
मार्च 2026 के अंत तक Suzlon की ऑर्डर बुक 5.9 गीगावाट रही, जिससे वित्त वर्ष 2028 तक कारोबार का नजरिया अच्छा दिखता है। लेकिन इसके बाद ग्रोथ कैसी रहेगी, इस पर कंपनी ने कोई ठोस संकेत नहीं दिए हैं।
Nuvama का अनुमान है कि Suzlon घरेलू पवन ऊर्जा बाजार में 30-35% हिस्सेदारी बनाए रख सकती है। लेकिन वित्त वर्ष 2027-28 में सालाना डिलीवरी 3 से 3.5 गीगावाट के आसपास स्थिर रह सकती है।
3. बढ़ रहा कामकाजी पूंजी का दबाव
ब्रोकरेज के मुताबिक, कुछ प्रोजेक्ट्स में देरी और PSU प्रोजेक्ट्स का बढ़ता हिस्सा कंपनी के नकदी चक्र पर दबाव डाल रहा है। साथ ही EPC प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बढ़ने से मार्जिन पर भी असर पड़ा है। कंपनी भविष्य में कारोबार का संतुलन 50% EPC और 50% प्रोडक्ट सप्लाई तक ले जाना चाहती है।
4. सौर और बैटरी स्टोरेज से चुनौती
Nuvama का मानना है कि हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स, बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और FDRE प्रोजेक्ट के बढ़ने से पवन ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 2-3 वर्षों में पवन ऊर्जा बाजार 8-10 गीगावाट सालाना के स्तर पर स्थिर हो सकता है।
एक सकारात्मक पहलू भी
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी भविष्य में पुराने घाटों से जुड़े 3,000-3,500 करोड़ रुपये के Deferred Tax Asset (DTA) को मान्यता दे सकती है। हालांकि Nuvama का कहना है कि इस संभावित लाभ को उसने पहले ही अपने वैल्यूएशन में शामिल कर लिया है।
ब्रोकरेज ने बढ़ती ब्याज लागत को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 और 2028 के मुनाफे के अनुमान में मामूली कटौती की है। उसके अनुसार Suzlon फिलहाल वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के लगभग 29 गुना मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है, इसलिए शेयर में दोबारा बड़ी री-रेटिंग की गुंजाइश सीमित है।
मोतीलाल ओसवाल बुलिश
नुवामा के उलट ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर अपनी पॉजिटिव राय बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखते हुए 65 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा करीब 54 रुपये के भाव के मुकाबले यह लगभग 20% संभावित तेजी का संकेत देता है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि आने वाले समय में नए ऑर्डर मिलेंगे। प्रोजेक्ट्स का बेहतर एग्जीक्यूशन भी सुजलॉन की ग्रोथ की रफ्तार बढ़ा सकते हैं।
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