Suzlon Shares: उछाल आए तो 'बेच दें' सुजलॉन के शेयर, एक्सपर्ट ने दी सलाह, 6 महीने में 25% टूटा भाव

Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर पिछले कुछ दिनों से दबाव देखा जा रहा है। मंगलवार 2 दिसंबर को कंपनी के शेयर लगातार चौथे दिन लाल निशान में कारोबार करते देखे गए। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में आगे क्या करें?

अपडेटेड Dec 02, 2025 पर 3:23 PM
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Suzlon Energy Shares: साल 2025 में अब तक इस शेयर में करीब 18% की गिरावट आई है

Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर पिछले कुछ दिनों से दबाव देखा जा रहा है। मंगलवार 2 दिसंबर को कंपनी के शेयर लगातार चौथे दिन लाल निशान में कारोबार करते देखे गए। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में आगे क्या करें? क्या इस शेयर में गिरावट आगे भी जारी रह सकती है या फिर इसे निचले स्तरों पर खरीदने का सही मौका है?

टेक्निकल चार्ट्स पर सुजलॉन एनर्जी के शेयर लगातार गिरावट के बावजूद अभी तक "ओवरसोल्ड" जोन में नहीं गए हैं। इसका रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) अभी 37 पर है। आमतौर पर RSI के 30 के नीचे जाने पर स्टॉक को ओवरसोल्ड जोन में माना जाता है। पिछले छह महीनों में सुजलॉन के शेयर 25% से अधिक टूट चुके हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

F&O में शामिल होने के बाद बढ़ी शॉर्टिंग

CNBC-आवाज पर एक दर्शक के सवाल का जवाब देते हुए, टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट आशीष बहेती ने कहा कि सुजलॉन एनर्जी के F&O सेगमेंट में शामिल होने के बाद इसमें शॉर्ट सेलिंग की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिससे स्टॉक में नई शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि F&O स्टॉक होने का मतलब है कि शेयर में आक्रामक तरीके से शॉर्टिंग जारी रह सकती है।


बहेती ने निवेशकों को इस शेयर में 51 रुपये का स्टॉप लॉस लगाने की सलाह दी। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निवेशकों को किसी भी अच्छी तेजी पर इस शेयर से बाहर निकलने के बारे में सोचना चाहिए। उनके अनुसार शेयर का मौजूदा टेक्निकल स्ट्रक्चर तेजी का संकेत नहीं देता।

सितंबर तिमाही के नतीजे

सुजलॉन एनर्जी की दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 200 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,278 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 718 करोड़ रुपये का टैक्स राइट-बैक भी शामिल है।

हालांकि अगर इसे हटा दिया जाए, तो भी कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 100% से ज्यादा था। वहीं सुजलॉन का रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 84% बढ़कर 3,870 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,103 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) सितंबर तिमाही में करीब ढाई गुना बढ़कर 720 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 293.4 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के EBITDA मार्जिन में 4.60 फीसदी का सुधार देखा गया और यह पिछले साल के 14 फीसदी से बढ़कर 18.6% पर पहुंच गया।

शेयर का मौजूदा प्रदर्शन

सुजलॉन एनर्जी के शेयर मंगलवार को 0.61% गिरकर 53.39 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। साल 2025 में अब तक इस शेयर में करीब 18% की गिरावट आई है। हालांकि पिछले 5 साल में इस शेयर ने 1560% का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

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