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Swiggy Share Price : विदेशी हिस्सेदारी पर कैपिंग से ब्रोकरेज हुए बुलिश, 5% तक भागा शेयर, जानिए टारेगट प्राइस

Swiggy Share Price :49.5 फीसदी विदेशी हिस्सेदारी सीमा को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से IOCC ट्रांजिशन का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। नए स्ट्रक्चर से रेगुलेटरी रिस्क कम होने की उम्मीद है। नए विदेशी हिस्सेदारी फ्रेमवर्क से पैसिव आउटफ्लो संभव है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 20, 2026 पर 2:16 PM
Swiggy Share Price : विदेशी हिस्सेदारी पर कैपिंग से ब्रोकरेज हुए बुलिश, 5% तक भागा शेयर, जानिए टारेगट प्राइस
Swiggy Share Price :18 अगस्त को स्विगी के शेयरहोल्डर्स ने कुल विदेशी हिस्सेदारी पर 49.5 प्रतिशत की सीमा और कंपनी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर में बदलाव को मंज़ूरी दे दी है

Swiggy Share Price : स्विगी (Swiggy) में विदेशी हिस्सेदारी पर कैपिंग से ब्रोकर्स भी शेयर पर बुलिश हो गए हैं। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट के बाद आज यह शेयर 3 फीसदी चढ़ा है। फिलहाल यह शेयर एनएसई पर 9.60 रुपए यानी 3.52 फीसदी की तेजी के साथ 382 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 285.40 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 474 रुपए और 52 वीक लो 235.75 रुपए है। पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 0.80 फीसदी भागा है। वहीं, 1महीने में इसने 4.25 फीसदी रिटर्न दिया है। जबकि, 1 साल में इसमें 33.02 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

ग्लोबल ब्रोकरेज जेफरीज के बुलिश नजरिए के बाद इट्राडे में यह शेयर 5 फीसदी तक भागा है। जेफरीज ने इस स्टॉक के लिए 435 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है, जिसका मतलब है कि बुधवार के क्लोजिंग लेवल से इसमें लगभग 60 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती। NSE पर कंपनी के शेयर 4.78 प्रतिशत बढ़कर 285.40 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। बाद में प्रॉफिट बुकिंग के कारण शेयर की बढ़त कुछ कम हुई।

जेफ़रीज द्वारा स्विगी (Swiggy)पर 435 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ'बाय'कॉल शुरू करने के बाद शेयर में दो दिन से जारी गिरावट थम गई है। जेफरीज़ का कहना है कि शेयरहोल्डर्स द्वारा कुल विदेशी हिस्सेदारी पर 49.5 प्रतिशत की सीमा को मंज़ूरी देने के बाद,स्विगी के भारतीय मालिकाना हक और कंट्रोल वाली कंपनी (IOCC) बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा है।

49.5 फीसदी विदेशी हिस्सेदारी सीमा को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से IOCC ट्रांजिशन का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। नए स्ट्रक्चर से रेगुलेटरी रिस्क कम होने की उम्मीद है। नए विदेशी हिस्सेदारी फ्रेमवर्क से पैसिव आउटफ्लो संभव है। कंपनी ने कहा है कि यह कदम मैनेजमेंट के उस प्लान को सपोर्ट करोगा जिसके तहत इंस्टामार्ट को 'फर्स्ट-पार्टी इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल'में बदला जाएगा। इससे मार्जिन में लगभग 80 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है।

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