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SEBI टेकओवर रेगुलेशंस में कर सकता है बदलाव, जानिए क्या है यह पूरा मामला

टेकओवर रेगुलेशंस के तहत जो कंपनी अधिग्रहण कर रही है, उसे यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि पब्लिक अनाउंसमेंट से जुड़ी जानकारियां और पोस्ट-ऑफ एडवर्टाइजमेंट सही, फेयर और पर्याप्त होने चाहिए। इनमें किसी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं होनी चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 29, 2025 पर 4:01 PM
SEBI टेकओवर रेगुलेशंस में कर सकता है बदलाव, जानिए क्या है यह पूरा मामला
टेकओवर कोड रेगुलेशंस के रिव्यू के दौरान इस मसले को शामिल किया जा सकता है।

सेबी टेकओवर से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकता है। इसके तहत जिस कंपनी का अधिग्रहण हो रहा है, उसके लिए अधिग्रहण करने वाली कंपनी के बारे में मु्ख्य जानकारियां शेयर करना जरूरी हो सकता है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। टेकओवर कोड रेगुलेशंस के रिव्यू के दौरान इस मसले को शामिल किया जा सकता है।

अभी क्या है नियम?

टेकओवर रेगुलेशंस के तहत जो कंपनी अधिग्रहण कर रही है, उसे यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि पब्लिक अनाउंसमेंट से जुड़ी जानकारियां और पोस्ट-ऑफ एडवर्टाइजमेंट सही, फेयर और पर्याप्त होने चाहिए। इनमें किसी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं होनी चाहिए। ये जानकारियां भरोसेमंद स्रोतों पर आधारित होनी चाहिए और जहां जरूरी हो वहां स्रोत की जानकारी दी जानी चाहिए। लेकिन, अभी जो नियम है, उसमें जिस कंपनी का अधिग्रहण किया जा रहा है उसके लिए ओपन ऑफर के बारे में अधिग्रहण करने वाली कंपनी के साथ सहयोग करने या जानकारी देना जरूरी नहीं है।

ज्यादातर मामलों में समस्या नहीं

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