टाटा मोटर्स के शेयर में दिखी करीब 2% बढ़त, MD ने बताई महत्वाकांक्षी EV योजना

Tata Motors के वरिष्ठ अधिकारी न कहा कि कंपनी के तीन पुराने प्लांट में सालाना 6,00,000 गाड़ियां उत्पादन करने की क्षमता है। कंपनी द्वारा गुजरात के साणंद में Ford का प्लांट हासिल किया है। इसमें 3,00,000 (सालाना) ईवी का उत्पाद किया जायेगा। इसे बढ़ाकर 4,20,000 यूनिट किया जा सकता है। इस तरह टाटा मोटर्स की पीवी और ईवी मिलाकर कुल क्षमता 10 लाख गाड़ियों के करीब पहुंच गई है

अपडेटेड Mar 03, 2023 पर 7:41 PM
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Tata Motors के शैलेश चंद्रा ने कहा कि इस सेगमेंट में हमारी इकलौती कंपनी है जो इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कार मुहैया करा रही है
     
     
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    आज 3 मार्च को टाटा मोटर्स (Tata Motors) का शेयर लगभग 2 प्रतिशत चढ़ गया। इसकी वजह ये रही कि कंपनी एक वरिष्ठ अधिकारी ने कंपनी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी महत्वाकांक्षाओं को साझा किया। इसमें राइड-हेलिंग फर्म उबर (Uber) के साथ टाय-अप भी शामिल है। ऑटो कंपनी का स्टॉक दिन के दौरान 430.55 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया। ये बीएसई पर 428 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। ये इसके पिछले बंद से 1.8 प्रतिशत अधिक था। CNBC-TV18 को दिए एक विशेष साक्षात्कार में टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा (Tata Motors passenger vehicles managing director Shailesh Chandra) ने उबर के साथ टाय-अप, फ्लीट सेगमेंट में विस्तार की योजना, जनरेशन-2 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मॉडल और EV के लिए उत्पादन क्षमता के बारे में बात की। वे ऑटो कंपनी के 50 लाख गाड़ियों के उत्पादन का माइलस्टोन पार करने के अवसर पर बोल रहे थे।

    उबर के साथ ऑटो कंपनी की साझेदारी से राइड हेलिंग फर्म को अपने बेड़े में 25,000 इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करने में मदद मिलेगी। "जैसा कि आप जानते हैं, वे खरीदते नहीं हैं। वे ज्यादातर कारों को अपने साथ अटैच करते हैं। तो वे विभिन्न फ्लीट ऑपरेटरों के साथ काम करेंगे जिनके साथ हमारे भी बहुत गहरे संबंध हैं। ऐसे लगभग 40-50 बड़े फ्लीट ऑपरेटरों के साथ काम करेंगे। मैं कहूंगा कि 24 महीने से 30 महीने की अवधि में वे अपने फ्लीट में 25,000 वाहनों को लगाने का लक्ष्य रखेंगे।” ऐसा चंद्रा ने कहा।

    फ्लीट सेगमेंट के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए नीतिगत समर्थन के बारे में बात करते हुए चंद्रा ने कहा कि यहां तक ​​कि सरकार ने भी पहले फ्लीट मोबिलिटी सेवाओं का इलेक्ट्रिफिकेशन करने के लिए अपना नजरिया तय किया है। इसकी वजह ये है कि यह एक कार का उपयोग करने वाले कई लोगों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इससे कार्बन फुटप्रिंट को भी कम किया जा सकता है।े


    उन्होंने कहा, 'इस सेगमेंट में हम इकलौते खिलाड़ी हैं जो इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कार मुहैया करा रहे हैं।'

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    ईवी को बड़े पैमाने पर कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों के आवागमन के लिए बेड़े में शामिल किया गया है। चंद्रा ने कहा कि टाटा मोटर्स की वहां पहले से ही मौजूदगी है। ऐसे बेड़े के लिए लगभग हम 5,000 गाड़ियां बेच रहे हैं।

    Tata Motors के तीन पुराने प्लांट में एक महीने में 50,000 ईवी (6,00,000 सालाना) का उत्पादन करने की क्षमता है।

    कंपनी ने फोर्ड (Ford) से गुजरात के साणंद में जो प्लांट हासिल किया है। उसमें और 3,00,000 (सालाना) ईवी का उत्पाद होगा। इसे 4,20,000 यूनिट तक बढ़ाया जा सकता है। नई फैसिलिटी के साथ टाटा मोटर्स की कुल क्षमता (पीवी और ईवी सहित) अब 10 लाख गाड़ियों के करीब आ गई है।

    कंपनी पांच वर्षों में ईवी वर्टिकल में 10 उत्पादों को लॉन्च करने की योजना बना रही है। चंद्रा ने कहा कि टियागो ईवी (Tiago EV) के साथ खत्म होने वाले चार जनरल-1 मॉडल पहले ही लॉन्च किये जा चुके हैं। कंपनी अब Gen-2 मॉडल के साथ शुरुआत करेगी। जैसा कि हाल ही में ऑटो एक्सपो में शोकेस किया गया था

     

     

     

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