टाटा पावर एनर्जी मार्केट की स्थितियों के मुताबिक खुद को बदलने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी एफिशियंसी और डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी पर फोकस बढ़ाया है। जून तिमाही में एनर्जी की डिमांड में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद सोलर ईपीसी में एग्जिक्यूशन, रूफटॉप इंस्टॉलेशंस और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर कंपनी ने फोकस बनाए रखा। जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर सिर्फ 4.3 फीसदी रही।
रेवेन्यू पर पावर की कम डिमांड का असर
जून तिमाही में रेवेन्यू में कम ग्रोथ की बड़ी वजह पावर की कम डिमांड है। यह साल दर साल आधार पर 1.3 फीसदी कम रही। देश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में पावर की ज्यादा खपत होती है। इन इलाकों में मानसून की बारिश जल्द शुरू होने का असर पावर की डिमांड पर पड़ा। इसके बावजूद सोलर रूफटॉप सेगमेंट का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर करीब दोगुना यानी 823 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे रूफटॉप सोलर की बढ़ती मांग और अच्छे एग्जिक्यूशन का पता चलता है।
270 MWp के सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट्स पूरे किए
Tata Power ने जून तिमाही में 270 MWp (मेगावाट-पीक) के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स पूरे किए। यह एक साल पहले की समान अवधि में 111 MWp के मुकाबले काफी ज्यादा है। सोलर ईपीसी रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर 16 फीसदी इजाफा हुआ। EBITDA मार्जिन एक साल पहले की समान अवधि में 3.7 फीसदी से बढ़कर 11.5 फीसदी हो गया। लेकिन, डेप्रिसेशन और फाइनेंस कॉस्ट बढ़ने की वजह प्रॉफिट की ग्रोथ फ्लैट रही। कंपनी का कंसॉलसिडेटेड एबिड्टा साल दर साल आधार पर 17 फीसदी बढ़ा।
सोलर मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का अच्छा प्रदर्शन
सोलर मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। जून तिमाही में इस सेगमेंट का EBITDA 300 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल के मुकाबले करीब दोगुना है। जून तिमाही में टाटा पावर का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 9.2 फीसदी बढ़कर 1,060 करोड़ रुपये रहा। रूफटॉप सोलर बिजनेस का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स 260 फीसदी बढ़कर 90 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, एडजस्टेड प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स पर 570 करोड़ रुपये के वन टाइम चार्ज का असर पड़ा।
जून तिमाही में 2,700 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च
Tata Power प्रमुख वर्टिकल्स में लगातार काफी निवेश कर रही है। जून तिमाही में इसका पूंजीगत खर्च 2,700 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पूरे साल में 25,000 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का गाइडेंस दिया है। इसका 60 फीसदी हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी पर खर्च होगा। 30 फीसदी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन पर खर्च होगा। कंपनी का टीपी सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तैयार हो गया है। मॉड्यूल और सेल दोनों में इसकी कैपेसिटी 4.3 GW की है। इस प्लांट की 90 फीसदी से ज्यादा क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है। जून तिमाही में इसने 949 MW के मॉड्यूल्स और 904 MW के सेल्स का उत्पादन किया है।
क्या आपको स्टॉक में इनवेस्ट करना चाहिए?
कंपनी के 1,000 MW का भीवपुरी पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) पर काम चल रहा है। भूटान में 600 MW के खोरलोचू हाइड्रो प्रोजेक्ट ने काम करना शुरू कर दिया है। 1,800 MW के श्रीवाटा पीएसपी के नवंबर 2025 तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। कंपनी का मुंदरा प्लांट भी अहम फेज में है। अभी Tata Power के शेयरों में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के 20 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह ज्यादा नहीं है। कंपनी को रिन्यूएबल एनर्जी पर बढ़ते फोकस और क्लीन एनर्जी की बढ़ती मांग का फायदा मिलेगा।