कंपनियों की ओर से जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए जाने की शुरुआत नए शुरू हो रहे सप्ताह से होने वाली है। तिमाही के साथ-साथ कंपनियां वित्त वर्ष 2024-25 के नतीजे भी जारी करेंगी। आईटी कंपनियों की बात करें तो खाता टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से खुलेगा। TCS के मार्च 2025 तिमाही के वित्तीय नतीजे 10 अप्रैल को जारी होंगे। यह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। TCS का बोर्ड अपनी मीटिंग में वित्त वर्ष 2025 के लिए फाइनल डिविडेंड पर भी चर्चा करेगा।
अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसालिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 12,380 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले मुनाफा 11,058 करोड़ रुपये था। कुल इनकम सालाना आधार पर 6.13 प्रतिशत बढ़कर 65,216 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 61,445 करोड़ रुपये थी। खर्च 6.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 48,550 करोड़ रुपये पर पहुंच गए, जो दिसंबर 2023 तिमाही में 45,658 करोड़ रुपये के रहे थे।
डिविडेंड का भी किया था ऐलान
TCS ने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा के साथ 10 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड और 66 रुपये प्रति शेयर के स्पेशल डिविडेंड का ऐलान किया था। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 जनवरी 2025 फिक्स की गई थी। इससे पहले वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने दो बार में प्रति शेयर ₹10-₹10 यानि ₹20 का अंतरिम डिविडेंड बांटा था।
TCS का शेयर 3 महीने में 19 प्रतिशत गिरा
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर बीएसई पर शुक्रवार, 4 अप्रैल को 3299.45 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर पिछले 3 महीनों में 19 प्रतिशत और केवल एक सप्ताह में 8 प्रतिशत टूटा है। कंपनी में दिसंबर 2024 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
अन्य आईटी कंपनियों की बात करें तो Wipro 16 अप्रैल को जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली है। इंफोसिस 17 अप्रैल को, टेक महिंद्रा 24 अप्रैल को और HCL Tech 26 अप्रैल को वित्तीय नतीजों की घोषणा करेगी।