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टेक गुरुः नोकिया 3.1 प्लस VS सैमसंग J4+, कौन है बेहतर

नोकिया 3.1 प्लस और सैमसंग J4+, डिस्प्ले के बेसिक स्पेसिफिकेशन के मुकाबले में एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 17, 2018 पर 5:42 PM
टेक गुरुः नोकिया 3.1 प्लस VS सैमसंग J4+, कौन है बेहतर

नोकिया 3.1 प्लस और सैमसंग J4+, डिस्प्ले के बेसिक स्पेसिफिकेशन के मुकाबले में एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं। दोनों ही फोन 6 इंच के एचडी+ रेजॉल्यूशन वाला डिस्प्ले के साथ आते हैं। ये दोनों ही फोन फुल स्क्रीन डिस्प्ले भी सपोर्ट करते हैं। लेकिन यहां पर नोकिया 3.1 प्लस के बेजेल्स ज्यादा स्लिम हैं और इसलिए फोन का साइज थोड़ा सा छोटा भी है। नोकिया 3.1 प्लस हो या सैमसंग J4+, दोनों फोन पर ही बढ़िया विजुअल एक्सपीरियंस मिलता है। हालांकि आप किसी में भी कलर टेंपरेचर या टोन में कोई चेंज नहीं कर सकते। लेकिन सैमसंग j4+ पर तेज रोशनी में काम करना ज्यादा आसान है, थैंक्स टू ब्राइटनेस इंनटेन्सिटी।

अब लु्क्स पर आएं, तो दोनों ही फोन वैसे तो बजट के हिसाब से काफी गुड लुकिंग है, लेकिन यहां बाजी मारता है नोकिया 3.1 प्लस। मैट रियर पैनल, अलुमिनियम बॉडी और स्लीक डिजाइन इसे स्मार्ट लुक देते हैं। ये डिजाइन फोन को मजबूत बनाने के साथ इसी टू हैंडल भी बनाता है क्योंकि फोन आसानी से स्लिप नहीं होता। वहीं सैमसंग j4+ आता है ग्लास फिनिश के साथ, जो इसे प्रिमियम लुक तो देता है, लेकिन फोन बेहद स्लिपरी है। j4+ नोकिया 3.1 प्लस के मुकाबले ज्यादा भारी भी है, तो यहां हैंडलिंग भी नोकिया 3.1 की ही बेटर है। तो कुल मिलाकर इस मुकाबले में बाजी मारी है नोकिया 3.1 प्लस ने।

चलिए शुरुआत करते हैं नोकिया 3.1 प्लस के इंटरनल्स से। ये फोन काम करता है मीडियाटेक हीलियो P22 ओक्टाकोर प्रोसेसर पर। फोन में 2 और 3 जीबी वेरिएंट अवेलेबल है, जिसे साथ मिलता है 16 या 32 जीबी स्टोरेज का। प्रोसेसर, स्टोरेज और रैम का ये कॉम्बिनेश फोन पर काम करने को स्मूद बनाता है। डेली फंक्शन्स के अलावा फोन पर  जेनेरल गेमिंग का मजा बिना किसी स्ट्टर या लैग किए लिया जा सकता है। नोकिया 3.1 प्लस को बड़ा एज देता है स्टॉक एंड्रॉयड एक्सपीरियंस।

एंड्रॉयड 8.1 ओरियो ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस इस फोन पर काम करना बेहद आसान है। साथ ही फोन ब्लोट फ्री है। नोकिया 3.1 प्लस फ्लिप टू रिजेक्ट, एम्बियंट डिस्प्ले जैसे फीचर भी सपोर्ट करता है। अब आते हैं स्नैपड्रैगन 425 पर काम करने वाले सैमसंग j4+ पर। वैसे तो ये प्रोसेसर ट्राइड एंड टेस्टेड है, लेकिन इसके साथ 2gb रैम और 32gb स्टोरेज का ये कॉम्बिनेशन खास स्मूदली काम नहीं करता। इसके अलावा फोन पर दिए गए ऐप ओपनिंग जैसे एनिमेशन भी फोन को स्लो करते हैं।

गेमिंग में तो कोई परेशानी नहीं आती, लेकिन ऐप स्विचिंग काफी स्लो है। j4+ एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर बेस्ड सैमसंग एक्सपीरियंस यूआई पर काम करता है। फोन कुछ प्री लोडेड ऐप्स के साथ आता है, लेकिन अगर आप सैमसंग यूजर रह चुके हैं, तो ये अनॉइंग नहीं लगता। इसके अलावा फोन पर मल्टिपल विंडो, डुअल मेसेंजर, स्मार्ट शॉर्टकट और सैमसंग मिनी जैसे फीचर हैं, जो फोन पर प्रोडक्टिविटी को बढ़ाते हैं। लेकिन इसके बावजूद, नोकिया 3.1 प्लस परफॉर्मेंस के मामले में क्लियरली आगे निकल जाता है।

सैमसंग j4+ में जहां 13 मेगापिक्सल का सिंगल रियर कैमरा मिलता है वहीं नोकिया 3.1 प्लस आता है 13+5 मेगापिक्सल के डुअल रियर कैमरा के साथ। यहां पर दो कैमरा तो एज देते ही है, साथ ही 3.1 प्लस की कलर रिप्रोडक्शन भी j4+ के मुकाबले ज्यादा बेहतर है। नोकिया 3.1 का डुअल कैमरा अच्छी पोट्रेट फोटोज लेता है, हालांकि j4+ में आपके पास ये ऑप्शन नहीं है। लो- लाइट के मुकाबले में दोनों ही फोन एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं। कम रोशनी में भी दोनों फोन सैटिस्फैक्टरी डिटेल देते हैं। सेल्फी के लिए नोकिया 3.1 प्लस में 8 मेगापिक्सल का कैमरा है तो वहीं सैमसंग j4+ में 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वैसे तो दोनों ही सेल्फी कैमरा आपको सोशल मीडियो के लिए बढ़िया सेल्फी देते हैं लेकिन j4+ से ली गई सेल्फी में डिटेल्स कैप्चर नहीं होते और स्कीन ज्यादा ही स्मूद नजर आ,ती है वहीं 3.1 प्लस डिटेल्ड और शार्प सेल्फी कैप्चर करता है।

वीडिय़ो केपेबिलिटी के लिए दोनों ही फोन्स फुल hd रेजॉ्लयूशन पर वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं लेकिन सिर्फ नोकिया 3.1 प्लस में ही टाइम लैप्स और स्लो मोशन वीडियो बनाने का ऑप्शन मौजूद है। नोकिया 3.1 प्लस मैनुअल, पैनोरमा जैसे लिमिटेज मोड्स के साथ आता है, वहीं j4+ में ब्यूटी, प्रो, पैनोरमा, स्टिकर्स और कॉन्टिन्युअस शॉट जैसे मल्टिपल ऑप्शन हैं। लेकिन कैमरा प्रायोरिटी है, तो नोकिया 3.1 प्लस क्लियर च्वॉइस है।

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