अनुज सिंघल, मैनेजिंग एडिटर, सीएनबीसी आवाज
अनुज सिंघल, मैनेजिंग एडिटर, सीएनबीसी आवाज
डॉनल्ड ट्रंप ने आखिर वही किया जिसकी धमकी दी थी। एक बात तो है: ट्रंप अब सिर्फ गीदड़ भभकी नहीं दे रहे हैं। अब इस बात को समझना जरूरी है कि आखिर हो क्या रहा - है। अगर टैरिफ लगाना ही होता तो 20 दिन नहीं दिए जाते। 20 दिन देने का मतलब है टैरिफ डील में दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकता है। 50% टैरिफ पर हमारा कोई सेक्टर कॉम्पिटिशन कर ही नहीं पाएगा। अब 50% के ऊपर चाहे आप 100 करें या 200 बेमानी है। ये सवाल रूस के तेल का नहीं बल्कि ट्रेड डील का है। रूस का तेल का तो ट्रंप सिर्फ बहाना बना रहे हैं। अगर डील हो गई तो वो कहेंगे आप चाहे डबल तेल ले लो। अब सवाल ये कि क्या बाजार भी रिएक्ट करना बंद करेगा? अब बाजार इस पर पैनिक नहीं करेगा क्योंकि अब झटका नया नहीं है। अब हमें पता है कि हमारा worst case scenario क्या है। और अगर डील हो गई तो ये बड़ा पॉजिटिव भी होगा
Make Or Break दिन
बाजार में सबसे बड़ा संकेत अब टेक्निकल पोजीशन ही है। निफ्टी बार-बार 24,500-24,550 को टेस्ट कर रहा है। अगर ये टूट गया तो बाजार काफी कमजोर हो जाएगा। आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी भी है।
बाजार: क्या ट्रंप ही हमारे विलेन हैं?
अनुज सिंघल ने कहा कि हमें तो लूटा अपनों ने, गैरों में कहां दम था। मेरी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था। भारतीय बाजार गिरे हैं, क्योंकि नतीजे खराब हैं। भारतीय बाजार के लिए ट्रंप सिर्फ साइड विलेन हैं। मेन विलेन है, हमारा खुद का परफॉर्मेंस रहा। ट्रंप की वजह से आप मान सकते हैं कि निफ्टी में 1-2% का असर है, लेकिन कुछ सेक्टर्स को छोड़ दें तो इतना बड़ा असर नहीं है। IT और फार्मा को वैसे भी अब तक टैरिफ से छूट मिली हुई है और IT सेवाओं पर वैसे भी टैरिफ लगाना तकरीबन नामुमकिन है। हां थोड़ा सा फार्मा पर तलवार जरूर लटकी रहेगी। लेकिन ध्यान रखिये, ये टैरिफ आखिरकार अमेरिकी ग्राहकों को ही देना है। अगले 20 दिनों में काफी कुछ बदल सकता है।
तो अब हमारी रणनीति क्या हो?
अनुज सिंघल ने कहा कि एक बात समझ लीजिए – ये बाजार आसान नहीं है। अगर आप शॉर्ट नहीं कर सकते तो ट्रेडिंग मत करें और शॉर्टिंग भी इस बाजार में आसान नहीं है। बीच-बीच में बड़ी रैली भी आ रही है। हो सकता है, आज ही निफ्टी आपको पॉजिटिव सरप्राइस दे । चुनिंदा शेयरों में रहें और पोर्टफोलियो को ट्रंप प्रूफ रखें। नतीजे खराब हैं लेकिन कई कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अगले कुछ दिन सख्ती से आउटपरफॉर्मर्स के साथ रहिए। कमजोर शेयरों में बॉटम ढूंढने की गलती मत करें। इस बाजार में घाटे वाले शेयरों को एवरेज बिल्कुल नहीं करें। अगर निवेशक हैं तो हर 200 अंकों की गिरावट पर ETF जोड़ें। वक्त की सबसे बड़ी बात ये है कि वो बदलता है। इस बाजार में पैसा बचाएंगे तो ट्रेंडिंग मार्केट में कमाएंगे।
निफ्टी पर रणनीति
पहला सपोर्ट 24,500-24,550 (सीरीज का निचला स्तर) पर है जबकि बड़ा सपोर्ट 24,440-24,500 (ऑप्शंस बेस्ड) पर रहा। पहला रजिस्टेंस 24,600-24,650 (ऑप्शंस बेस्ड) पर आया। बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (सीरीज का शिखर) पर रहा।
निफ्टी बैंक पर रणनीति
निफ्टी बैंक पहला सपोर्ट 55,000-55,200 पर रहा जबकि बड़ा सपोर्ट 54,800-55,000 पर रहा। पहला रजिस्टेंस 55,500-55,700 पर रहा जबकि बड़ा रजिस्टेंस 55,800-56,000 पर आया।
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