Multibagger Penny Stocks: 17 दिन में पैसे डबल, इस स्टॉक में LIC-ICICI Bank ने भी लगाए हैं पैसे

Multibagger Penny Stocks: कुछ शेयर ऐसे होते हैं जो निवेशकों की नजर में ऐसे चढ़ते हैं कि उनमें लगातार अपर सर्किट लगता रहता है। ऐसा ही एक शेयर है जिसने महज 17 दिन में निवेशकों के पैसे डबल कर दिए। इस स्टॉक में बड़े-बड़े दिग्गजों ने जैसे कि एलआईसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक इत्यादि ने पैसे लगाए हुए हैं। इसमें विदेशी निवेशकों की भी हिस्सेदारी है

अपडेटेड Jul 06, 2024 पर 6:57 PM
जीटीएल इंफ्रा (GTL Infra) के शेयरों ने महज 17 दिन में निवेशकों के पैसे डबल कर दिए।
     
     
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    Multibagger Penny Stocks: कुछ शेयर ऐसे होते हैं जो निवेशकों की नजर में ऐसे चढ़ते हैं कि उनमें लगातार अपर सर्किट लगता रहता है। ऐसा ही एक शेयर है टेलीकॉम टावर कंपनी जीटीएल इंफ्रा (GTL Infra) का जिसने महज 17 दिन में निवेशकों के पैसे डबल कर दिए। 13 जून 2024 को यह 5 फीसदी टूटकर BSE पर 2.05 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। उसके बाद से लगातार यह 5-5 फीसदी की तेजी के साथ अपर सर्किट का सफर तय करते हुए आज 4.15 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ है यानी कि महज 17 कारोबारी दिनों में ही निवेशकों के पैसे डबल हो गए। इस स्टॉक में बड़े-बड़े दिग्गजों ने जैसे कि एलआईसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक इत्यादि ने पैसे लगाए हुए हैं। इसमें विदेशी निवेशकों की भी हिस्सेदारी है।

    LIC-ICICI Bank जैसे दिग्गजों ने लगाए हैं पैसे

    मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से जीटीएल इंफ्रा में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी महज 3.28 फीसदी है। हालांकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो बड़े-बड़े दिग्गजों ने इसमें पैसे लगाए हैं। जैसे कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की इसमें 12.07 फीसदी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 7.36 फीसदी, इंडियन ओवरसीज बैंक की 5.23 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक की 3.81 फीसदी, केनरा बैंक-मुम्बई की 4.05 फीसदी और बैंक ऑफ बड़ौदा की 5.68 फीसदी हिस्सेदारी है। बैंकों की इसमें 39.50 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा एलआईसी ने भी इसमें पैसे लगाए हैं और देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी की इसमें 3.33 फीसदी हिस्सेदारी है। फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPIs) की इसमें 0.12 फीसदी हिस्सेदारी है।


    GTL Infra की कारोबारी सेहत कैसी है?

    अब बात करते हैं जीटीएल इंफ्रा के कारोबारी सेहत की तो 11 तिमाहियों के उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से यह लगातार घाटे में है। हालांकि इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में खास फर्क नहीं दिखा और इसमें यह 330-400 करोड़ रुपये के बीच बना हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2024 की बात करें तो इसे 214.6 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था लेकिन पिछले साल की मार्च 2023 तिमाही में इसका शुद्ध घाटा 755.9 करोड़ रुपये था और दिसंबर 2023 तिमाही में यह 194.6 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू की बात करें तो मार्च 2024 तिमाही में इसे 334.5 करोड़ रुपये का हासिल हुआ जबकि दिसंबर 2023 तिमाही में यह आंकड़ा 341.7 करोड़ रुपये और मार्च 2023 तिमाही में 393.7 करोड़ रुपये पर था।

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    डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी शेयर परफॉरमेंस के आधार पर दी गई है। यह बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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