Market View: बाजार ने वीकली आधार पर बीते 2 हफ्तों में दर्ज की आधी बढ़त गंवाई है। 03 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते में सेंसेक्स 2.65% गिरा जबकि Nifty 2.61% गिरा। वहीं Nifty Bank 0.12% और Midcap 1.99% गिरा। ग्लोबल ग्रोथ की चिंताओं से IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही। ग्लोबल ग्रोथ की चिंताओं से IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही, COVID 2020 के बाद IT इंडेक्स में सबसे बड़ी वीकली गिरावट दर्ज की। ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए बड़ौदा बीएनपी पारिबा एमएफ के सीनियर फंड मैनेजर्स-इक्विटी जितेंद्र श्रीराम (Jitendra Sriram) ने कहा कि बाजार की स्थिति सही लग रही है। बाजार का बेस काफी नीचे बना हुआ है । गवर्नमेंट स्पेंडिंग से फायदा मिलेगा। RBI के कई ठोस कदम का फायदा मिलेगा। RBI की ड्यूरेबल लिक्विडिटी कोशिश कर रहा है। डोमेस्टिक सेक्टर ज्यादा बेहतर लग रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लार्जकैप के वैल्युएशन काफी किफायती हुए है। मिड-स्मॉलकैप के वैल्युएशन में भी थोड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। हालांकि ग्रोथ को लेकर बड़ा कंसर्न बना हुआ है। 3-4 महीनों में स्थिति में थोड़ा सुधार संभव है। लार्जकैप में निवेश के बेहतरीन मौके मिलेगा।
टैरिफ का भारत पर असर? इस सवाल का जवाब देते हुए जितेंद्र श्रीराम ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ वार का असर ऑटो सेक्टर पर बहुत नेगेटिव नहीं होगा। हालांकि कई छोटे सेक्टर पर बहुत असर देखने को मिलेगा। केमिकल, टेक्सटाइल, फिशरीज सेक्टर पर असर देखने को मिलेगा। टैरिफ वार का बाजार पर बहुत ज्यादा असर संभव नहीं है।
IT सेक्टर पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि IT सेक्टर पर टैरिफ का डायरेक्ट असर नहीं होगा। अभी IT सेक्टर को लेकर अनुमान लगाना मुश्किल है। सेक्टर के मार्जिनल स्लोडाउन पर नजर रखें। US की स्पेंडिंग पर कितना असर, देखना होगा। दो-तीन महीने बाद स्थिति साफ होगी।
Baroda BNP Paribas Large Cap फंड के एक्सपोजर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि फंड का 83% तक का लार्जकैप में एक्सपोजर है जबकि 10% मिड-स्मॉलकैप में एक्सपोजर है। टॉप-100 कंपनियों में फंड का निवेश किया है। इसमें बड़ी कंपनियों में निवेश किया जाता है। लार्जकैप फंड्स में कम जोखिम होता है। इक्विटी MF में लार्जकैप में निवेश सुरक्षित है। स्मॉल-मिड कैप के मुकाबले लार्जकैप ज्यादा स्टेबल है। लार्जकैप में निवेश से स्टेबिलिटी का फायदा मिलता है।
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