Market Trend: भारतीय इक्विटी मार्केट ने 28 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते की क्लोजिंग सतर्कता भरे रुख के साथ की। ग्लोबल इंटरेस्ट रेट,जियोपॉलिटिकल रिस्क और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़ी वोलैटिलिटी के चलते निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव दिखा,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। हालांकि,शुक्रवार को ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी आई। इससे बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि पिछले हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बाद एक सीमित दायरे में कारोबार होता दिखा। निफ्टी 0.31 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 310 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई,जबकि FMCG इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और ऊपर की तरफ इसे लगातार 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,350/77,900 जोन के पास रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जो काफी हद तक नेगेटिव संकेत है।
अमोल अठावले का मानना है कि शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज कमज़ोर है,लेकिन नई बिकवाली तभी हो सकती है जब 24,100/77,100 का लेवल टूटे। अगर ऐसा होता है तो मार्केट 24,000-23,800/76,800-76,200 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 50-डे SMA या 24,200/77,500 ट्रेडर्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,350/77,900 पर स्थित 20डे SMA को फिर से टेस्ट कर सकता है। इसके बाद भी और तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 24,500/78,400 तक जा सकता है।
बैंक निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
अमोल अठावले की राय है कि बैंक निफ्टी के लिए 50 और 20 डे के SMA या 57,700 का स्तर ट्रेडर्स के लिए तुरंत ध्यान देने वाले लेवल होंगे। जब तक बैंक निफ्टी इन स्तरों से नीचे रहता है,तब तक सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स के 56,800-56,500 के स्तर तक गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके उलट,57,700 के ऊपर जाने पर बैंक निफ्टी 58,000-58,500 की ओर उछाल आ सकता है। बाजार का मौजूदा मिजाज किसी एक दिशा में साफ नहीं है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए लेवल बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।
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