भारत सरकार के विदेशी मामलों के मंत्रालय ने Tata Consultancy Services को पासपोर्ट सेवा प्रोगाम के दूसरे चरण से संबंधित कामों को पूरा करने के लिए चुना है। पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2008 में लॉन्च हुआ था। इसमें टीसीएस ने पासपोर्ट की डिलीवरी से संबंधित सेवाओं में अहम भूमिका निभाई है।
टीसीएस ने इस प्रोग्राम के तहत डिजिटलीकरण की प्रक्रिया, पारदर्शिता, विश्वनीयता और समय से काम पूरे करने में ग्लोबल मानक स्थापित किए हैं। पूरे देश में टीसीएस द्वारा संचालित पासवर्ड सेवा केंद्र काफी लोकप्रिय हुआ है और यह राष्ट्र के लिए गर्व का विषय रहा है।
इस प्रोग्राम के तहत पासपोर्ट बनाने और उपलब्ध कराने का काम कुछ पोस्टऑफिसों को भी दिया गया। इसके अलावा दुनिया भर में भारत के पोस्ट और मिशन इस प्रोगाम का हिस्सा रहे।
इस प्रोग्राम के अगले चरण में टीसीएस बायोमैट्रिक, ऑर्टिफिसियल इंटेलिजेंशन, एडवांस डेटा एनालिटिक्स, चैटबोट, ऑटो रिस्पॉन्स, न्यूट्रल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और क्लाउड टेक्नोलॉजी के जरिए पासपोर्ट सेवा में अपना योगदान देगी।
टीसीएस के बिजनेस यूनिट हेड पब्लिक सेक्टर तेज भाटला ने इस मौके पर कहा कि विदेश मंत्रालय के साथ हमारी एक दशक की भागीदारी पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप के जरिए देश के नागरिकों को सेवा देने का एक मानक बनाने में कामयाब रही है। पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम के अगले चरण के लिए चुना जाना हमारे लिए गर्व का विषय है।