US FED ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव,फेड चेयरमैन ने कहा "महंगाई के खिलाफ लंबी और मुश्किल होगी लड़ाई"

फेड के फैसले में ब्याज दरें 3.50–3.75% की रेंज में कायम रखी गई हैं। 9 सदस्यों ने दरें न बदलने का समर्थन किया है। तीन सदस्यों ने फैसले से असहमति जताई है। दरों में बदलाव चाहने वालों में डलास फेड की प्रेसिडेंट लॉरी लोगन। मिनियापोलिस फेड के प्रेसिडेंट नील काशकारी और क्लीवलैंड फेड की प्रेसिडेंट बेथ हैमैक शामिल रहे

अपडेटेड Jul 30, 2026 पर 7:31 AM
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यूएस फेड की पॉलिसी का एलान करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि बाजार में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति में कोई पूर्वानुमान देना गलत होगा

अमेरिकी सेंट्रल बैंक US FED ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पॉलिसी का एलान करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने यह भी कहा कि महंगाई के खिलाफ चलने वाली लड़ाई लंबी और मुश्किल होगी। US FED के फैसले से अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली। डाओ जोंस में 1100 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई। यह अप्रैल 2025 के बाद का इसका सबसे खराब दिन रहा। S&P 500 इंडेक्स में 1.5 फीसदी और नैस्डैक कम्पोजिट में 1.7 फीसदी की गिरावट आई। फेड के फैसले के बाद नैस्डैक 100 में 2% से ज्यादा की गिरावट और यह टेक्निकल करेक्शन के दौर में पहुंच गया।

इसके साथ ही अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंच गई। वहीं, 30 साल की यील्ड 5.21% पर जाती दिखी। यूएस में 30 ईयर बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद सबसे हाई लेवल पर आ गई है।

फेड ने नहीं किया ब्याज दरों में बदलाव


फेड के फैसले में ब्याज दरें 3.50–3.75% की रेंज में कायम रखी गई हैं। 9 सदस्यों ने दरें न बदलने का समर्थन किया है। तीन सदस्यों ने फैसले से असहमति जताई है। दरों में बदलाव चाहने वालों में डलास फेड की प्रेसिडेंट लॉरी लोगन। मिनियापोलिस फेड के प्रेसिडेंट नील काशकारी और क्लीवलैंड फेड की प्रेसिडेंट बेथ हैमैक शामिल रहे। उन्होंने तर्क दिया है कि महंगाई को काबू में करने के लिए ऊंची ब्याज दरों की ज़रूरत है, क्योंकि महंगाई पिछले पांच साल से ज़्यादा समय से सेंट्रल बैंक के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

उधर इस मौके पर अपने बयान में यूएस फेड ने कहा है कि मध्य पूव में चल रहे संकट की वजह से बनी अनिश्चितता की स्थिति के बावजूद,देश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। उत्पादकता में बढ़ोतरी और पूंजी निवेश मजबूत स्थिति में हैं। नौकरियों में इजाफा वर्कफोर्स के साथ तालमेल बिठाए हुए है और बेरोजगारी दर में बहुत कम बदलाव आया है। पॉलिसी कमेटी के 2 फीसदी के लक्ष्य की तुलना में महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है,जिसकी एक बड़ी वजह सप्लाई में अचानक आई रुकावट है। इन दिक्कतों के कारण एनर्जी समेत कुछ खास सेक्टरों में कीमतें बढ़ी हैं।

यूएस फेडरल रिजर्व रेट में बदलाव करने से पहले इस बात के और सबूत का इंतजार करने के पक्ष में है कि महंगाई अपने 2 फीसदी के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है या नहीं। फेड यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आने वाले महीनों के लिए मॉनेटरी पॉलिसी की दिशा को लेकर बाजार में अलग-अलग राय है।

क्या बोले केविन वॉर्श?

यूएस फेड की पॉलिसी का एलान करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि बाजार में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति में कोई पूर्वानुमान देना गलत होगा।अनिश्चितता का मतलब सफाई की कमी नहीं है। महंगाई के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी होगी। हमारे पास इसका कोई जादुई समाधान नहीं है। चीजें 1-2 दिन या हफ्तों में ठीक नहीं होंगी। महंगाई कम होने में अभी वक्त लगेगा।

 

 

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