मंदी से आजादी, जश्न-ए-आजादी मतलब, आजादी खुलकर जीने की, मन के हिसाब से पैसे कमाने की लेकिन अगर आपकी जिंदगी में फाइनेंशियल बेड़ियां हों तो जरा सोचिए कैसे आप मनाएंगे आजादी का जश्न? मुश्किल तब ज्यादा बड़ी हो जाती है जब मंदी की जंजीरें निवेश को जकड़ लें लेकिन कुछ रास्ते हैं जिन पर चलकर आप मंदी की मजबूरियों को तोड़कर कमाई की आजादी की मंजिल हासिल कर सकते हैं। तो क्या है मंदी से आजादी का रोडमैप, कैसे फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मुकाम मिलेगा। किस स्ट्रैटजी से निवेश की आजादी मजबूत होगी इसपर चर्चा करने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं AnandRathi Wealth Management के Deputy CEO फिरोज़ अज़ीज।
कैसे मिलेगी मंदी से आजादी
फिरोज़ अज़ीज का कहना है कि मंदी से आजादी के लिए निवेश से पहले जोखिम क्षमता को समझना बेहद जरुरी है जिसके लिए निवेशक अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाय करें। डाइवर्सिफिकेशन से जोखिम कम होता है और अपनी उम्र के हिसाब से इक्विटी में एक्सपोजर रखें। हर निवेश विकल्प में जोखिम अलग होता है।
निवेश में लक्ष्य तय करना जरूरी
फिरोज़ अज़ीज के मुताबिक लक्ष्य तय करना फाइनेंशियल प्लानिंग का पहला कदम है। इसलिए हर लक्ष्य के लिए समय की अवधि और कोरपस निर्धारित करें और लक्ष्य के मुताबिक निवेश विकल्प चुनें।
इक्विटी बाजार में निवेश के लिए लंबा नजरिया रखें। एकमुश्त नही तो, SIP से निवेश करें। बाजार में गिरावट पर SIP ना रोकें। मंदी के बाजार में निवेश बढ़ाना सही है।
4-4 सही एसेट एलोकेशन फाइनेंशियल फ्रीडम की नींव होती है। एसेट एलोकेशन सही फाइनेंशियल प्लानिंग का मूल मंत्र है। जोखिम को डाइवर्सिफाय करना जरूरी है।
निवेश करने से पहले सोच समझकर निर्णय करें। निवेश विकल्प की सभी जरूरी जानकारी जुटाएं। घबराहट से निवेश से निकलने के बजाए आर्थिक सलहाकार से सलाह मश्वरा करके देखें।
आर्थिक मंदी में कमाई कम होने की आशंका होती है। ऐसे में इमरजेंसी फंड में 6 माह का खर्च जोड़कर रखें। जितना हो सके कर्ज मुक्त रहें। क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल ना करें।
हर तिमाही निवेश की समीक्षा करें
निवेश नजरिया लंबा होने पर रोजना समीक्षा से बचें। फंड के प्रदर्शन को बेंचमार्क और केटेगरी फंड के प्रदर्शन से तुलना करें।
मेडिकल खर्च संभालने के लिए सही हेल्थ इंश्योरेंस चुनें। आर्थिक अनिश्चितता के लिए हमेशा तैयार रहें। मेडिकल इमरजेंसी के लिए पर्याप्त इंश्योरेंस कवर लें। लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस से परिवार की सुरक्षा करें।
कमजोर बाजार में SIP ना रोकें, निवेश जारी रखें। गिरते बाजार में निवेश करने से यूनिट ज्यादा मिलते हैं। लंबी अवधि में AVERAGING का फायदा उठाएं। बाजार की हर चाल में निवेश से COMPOUNDING का फायदा लें।
वसीयत की अनदेखी ना करें और परिवार को अर्थिक सुरक्षा दें।