Tata Group Stocks: टाटा ग्रुप की इनवेस्टमेंट कंपनी टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन (Tata Investment Corporation) ने निवेशकों ने काफी पूंजी डुबोई है। पिछले 10 कारोबारी दिनो में नौ दिन इसके शेयर 5 फीसदी के लोअर सर्किट पर बंद हुए हैं। वहीं एक दिन 3 फीसदी से अधिक फिसला था। इन दस दिनों में इसका मार्केट कैप करीब 20 हजार करोड़ रुपये गिर गया। 7 मार्च को यह 9,744.40 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था लेकिन इस हाई से यह करीब 39 फीसदी फिसल चुका है और इसका मार्केट कैप ₹49,365 करोड़ से गिरकर ₹30,155 करोड़ पर आ गया है। पिछले कारोबारी हफ्ते यह 22 फीसदी टूटा था और इस कारोबारी हफ्ते यह 21 फीसदी से अधिक फिसला है। फिलहाल BSE पर यह 5960.20 (Tata Investment Share Price) रुपये के भाव पर है।
6 दिन लगातार अपर सर्किट लगाकर पहुंचा था रिकॉर्ड हाई पर
टाटा इनवेस्टमेंट के शेयरों में पिछले 10 कारोबारी दिनों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। हालांकि उसके पहले लगातार 6 दिनों तक यह अपर सर्किट पे अपर सर्किट लगाते हुए 7 मार्च 2024 को रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। इसके शेयरों में तेजी का यह रुझान स्पार्क कैपिटल के अनुमान पर आया जिसमें स्पार्क कैपिटल ने अनुमान लगाया था कि सितंबर 2025 तक टाटा सन्स घरेलू मार्केट में लिस्ट हो सकता है।
Tata Investment में क्यों शुरू हुआ बिकवाली का दौर
स्पार्क कैपिटल की रिपोर्ट पर टाटा इनवेस्टमेंट के शेयर लगातार अपर सर्किट पर पहुंच रहे थे। हालांकि सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक टाटा सन्स के लिस्टिंग की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। इसकी बजाय टाटा ग्रुप की योजना RBI के नियमों के पालन के लिए ग्रुप लेवल पर कर्ज कम करने और टाटा कैपिटल जैसी एंटिटीज को अलग करने की है। टाटा सन्स ने टीसीएस में अपनी 0.64 फीसदी हिस्सेदारी 9 हजार करोड़ रुपये में बेच दी। टाटा कंज्यूमर के शेयरों पर सीएलएसए की अंडरवेट रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करने के चलते झटका लगा। CLSA का कहना है कि मौजूदा भाव पर इसका जो वैल्यूएशन है, उसके हिसाब से इसमें ऊपर चढ़ने की गुंजाइश काफी कम है।
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