कच्चे तेल के उबाल और ईरान-US टेंशन से बाजार पस्त नजर आ रहा है। आज लगातार तीसरे दिन गिरावट है। निफ्टी ने इंट्रा डे में 23500 का लेवल तोड़ा है। बैंक निफ्टी भी 56500 के करीब है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली है। कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब पहुंच गया है। बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार इस समय मंदड़ियों के कंट्रोल में है। लगातार हमारा नजरिया रहा है,बाजार में शॉर्ट रहें। कल भी 3:30 पर शॉर्ट कैरी करने का नजरिया लिया था। निफ्टी साफ दिखा रहा है कि 23,500 खतरे में है और 23,100-23,300 की भी संभावना ज्यादा है।
कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। एक अच्छी बात ये है कि इंडेक्स खराब है,शेयर नहीं। मिडकैप इंडेक्स ऑल टाइम हाई से सिर्फ 2% नीचे है और स्मॉलकैप इंडेक्स तो लाइफ टाइम हाई पर है। इसलिए ये कहना कि बाजार खराब है, ठीक नहीं है। लार्जकैप इंडेक्स में दबाव है और इसी वजह से निफ्टी नीचे है। निफ्टी के 10 सबसे बड़े शेयरों में 1 भी तेजी में नहीं है।
बाजार: क्यों गिर रहे हैं हम?
बाजार की दिक्कत ये है कि सभी बड़े शेयर गिरावट में हैं। निफ्टी,भारत के सबसे बड़े शेयरों का सिर्फ एक झांकी भर है। सबसे बड़े 10% शेयर औसतन 20% नीचे हैं। सबसे बड़े शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। रिलायंस अपने हाई से 20 फीसदी नीचे है। इसी तरह HDFC बैंक 31 फीसदी, ICICI बैंक 5.5 फीसदी, SBI 18 फीसदी, TCS 33 फीसदी, L&T में 11 फीसदी और इंफोसिस में 37 फीसदी की गिरावट आई है। यही कारण है कि निफ्टी अपने हाई से 10% से ज्यादा नीचे है। इन 10 बड़े शेयरों को छोड़ दें तो बाजार खराब नहीं है।
कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय क्रूड बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। US बाजार में गिरावट को हम जितना पचाकर गए थे उससे ज्यादा गिरे हैं। सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी ने नैस्डेक की गिरावट को सीमित रखा। आज फिर IT शेयरों में दबाव रह सकता है।
बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?
निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।
कल हमने हिंद जिंक, हिंद कॉपर पर पॉजिटिव नजरिया लिया। वो ट्रेड आज भी थोड़ा और चल सकती है। कॉपर और जिंक की कीमतों में आज भी तेजी है। हालांकि चांदी में गिरावट से हिंद जिंक में मुनाफावसूली संभव है। एल्यूमीनियम कीमतें भी 4 हफ्ते के उच्च स्तर पर। हैरानी की बात ये कि दरों में बढ़ोतरी की 65% संभावना पर भी मेटल शेयर चल रहे हैं। इसका मतलब है कि मेटल शायद अब एक Structural Bull Market में आ रहे हैं। IT वापस बाजार की सबसे कमजोर कड़ी बन चुका है। अपने हालिया उच्च स्तर से IT इंडेक्स 2000 अंक गिर चुका है। कैपिटल गुड्स से जुड़े कुछ शेयर आज भी चल सकते हैं। बैंक निफ्टी ने भी कल 56,800 का अहम लेवल तोड़ा है।
एक साथ 6 IPOs खुले हैं, जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। IPOs में जबरदस्त पैसा बन रहा है। इसलिए सेंकडरी मार्केट की काफी लिक्विडिटी वहां जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके हैं।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।