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Trade setup for March 10: सोमवार को बाजार खुलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, मुनाफे वाले सौदे पकड़ना रहेगा आसान

शुक्रवार को निफ्टी 22,500 से ऊपर बंद हुआ और अब बुल्स के लिए पहला काम उस स्तर को सुरक्षित रखना होगा। शुक्रवार का सेशन वॉल स्ट्रीट के लिए बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन बेंचमार्क सूचकांक आखिर में हरे निशान में बंद हुए और इससे बुल्स को कुछ राहत मिल सकती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 09, 2025 पर 4:27 PM
Trade setup for March 10: सोमवार को बाजार खुलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, मुनाफे वाले सौदे पकड़ना रहेगा आसान
पिछले सप्ताह बाजारों के लिए पर्याप्त और अधिक सकारात्मक ट्रिगर रहे, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया केवल बुधवार और गुरुवार को ही आई।

बीता सप्ताह निफ्टी के लिए 3 महीनों का बेस्ट वीक रहा। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बुल्स इस फैक्ट से राहत महसूस करेंगे कि निफ्टी ने पिछले मंगलवार के 21,964 के निचले स्तर से लगभग 600 अंक की रिकवरी की है। वे निश्चित रूप से उम्मीद कर रहे होंगे कि यह अब इंडेक्स को ऊपर ले जाने का नया बेस है। एक और पॉजिटिव बात पिछले दो कारोबारी सत्रों में इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज में देखी गई चाल है। गुरुवार और शुक्रवार को शेयर में 6% से अधिक की बढ़ोतरी हुई और यह निफ्टी की रिकवरी में सबसे बड़ा फैक्टर रहा है।

शुक्रवार को निफ्टी 22,500 से ऊपर बंद हुआ और अब बुल्स के लिए पहला काम उस स्तर को सुरक्षित रखना होगा। शुक्रवार का सेशन वॉल स्ट्रीट के लिए बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन बेंचमार्क सूचकांक आखिर में हरे निशान में बंद हुए और इससे बुल्स को कुछ राहत मिल सकती है।

पिछले सप्ताह बाजारों के लिए पर्याप्त और अधिक सकारात्मक ट्रिगर रहे, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया केवल बुधवार और गुरुवार को ही आई। शुक्रवार का सत्र उतार-चढ़ाव भरा होने के बावजूद सीमित दायरे में और स्थिर रहा। मुख्य ट्रिगर्स की बात करें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने लिक्विडिटी संकट के लिए उपायों की घोषणा की है, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है, जिसके चलते मेटल की कीमतों में तेजी आई है; तेल की कीमतें कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। हां, टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह बनी रहेगी।

इसके अलावा वीकेंड पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में और कमी आ सकती है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि दरों में कब, कितनी और किन प्रोडक्ट्स के मामले में कटौती होगी। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से बिकवाली जारी रही, लेकिन आंकड़ा या तो स्थिर रहा या पहले देखी गई भारी बिकवाली के आंकड़ों से कुछ कम रहा। घरेलू संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार बने रहे।

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