Trade setup for today : निफ्टी के 25500 की बाधा पार करने बाद बाजार में आ सकती है तूफानी तेजी
Trade setup- निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए 25,500 का स्तर ऊपर की ओर एक बड़ी बाधा बन सकता है। इस बाधा से पार पाने के बाद निफ्टी 25,800 की ओर बढ़ सकता है। मार्केट एनालिस्टों का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,300 पर है। उसके बाद 25,000 पर अगला बड़ा सपोर्ट है
MoneyControl News
अपडेटेड Sep 19, 2024 पर 8:56 AM
Trading guide : ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 34 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली
Nifty Trade setup : कल बाजार में अमेरिकी फेड के फैसले के पहले मुनाफावसूली देखने को मिली। केंद्रीय बैंक ने बेंचमार्क ब्याज दरों को 50 बेसिस प्वाइंट घटा दिया है। 18 सितंबर को उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी 50 इंडेक्स 41 अंक गिरकर 25,378 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए 25,500 का स्तर ऊपर की ओर एक बड़ी बाधा बन सकता है। इस बाधा से पार पाने के बाद निफ्टी 25,800 की ओर बढ़ सकता है। मार्केट एनालिस्टों का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,300 पर है। उसके बाद 25,000 पर अगला बड़ा सपोर्ट है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 25,307, 25,260 और 25,185
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 25,457, 25,503 और 25,578
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रजिस्टेंस: 52,925, 53,114 और 53,419
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 52,314, 52,126 और 51,820
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रजिस्टेंस: 53,353 और 54,364
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 51,646 और 50,569
निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
वीकली बेसिस पर 26,000 की स्ट्राइक पर 1.07 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
25,000 की स्ट्राइक पर 71.31 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
बैंक निफ्टी में 52,800 की स्ट्राइक पर 1.15 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
52,700 की स्ट्राइक पर 83.32 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
कल के कारोबार में वौलैटिलिटी बढ़ती दिखी। फिर भी ये निचले स्तरों पर बनी रही इससे तेजड़ियों को सपोर्ट मिला। फीयर इंडेक्स इंडिया VIX, 6.22 फीसदी बढ़कर 13.37 पर पहुंच गया। जब तक यह 15 अंक से नीचे रहता है, तब तक रुझान तेजड़ियों के पक्ष में रहेगा ।
यहां वे स्टॉक दिए गए हैं जिनमें डिलीवरी ट्रेड का सबसे बड़ा हिस्सा देखने को मिला। डिलीवरी का बड़ा हिस्सा स्टॉक में निवेशको (ट्रेडिंग के विपरीत) की रुचि को दर्शाता है।
12 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 12 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
70 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 70 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने को मिली।
68 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 68 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला।
34 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 34 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 सितंबर को गिरकर 1.1 पर रहा, जबकि पिछले सत्र में यह 1.3 के स्तर पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: आरती इंडस्ट्रीज, बलरामपुर चीनी मिल्स, बायोकॉन, बिरलासॉफ्ट, जीएनएफसी, ग्रैन्यूल्स इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक, आरबीएल बैंक
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, हिंदुस्तान कॉपर
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