Market cues : 24744 से नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, यह दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी
Trade setup for today : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी सोमवार के हाई 24,744 से नीचे रहेगा तब तक कंसोलिडेशन का फेज़ जारी रहने की संभावना है। इसके लिए 24,500-24,400 के जोन तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,निफ्टी को ऊपर की ओर 25,000-25,150 की ओर जाने के लिए 24,744 के ऊपर बने रहने की जरूरत है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 4 अगस्त को पिछले सेशन के 1.4 से गिरकर 0.99 पर आ गया। मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX ने कल एक और सेशन में अपनी बढ़त को आगे बढ़ाया। यह 2.22 प्रतिशत बढ़कर 12.19 पर पहुंच गया
Trade setup for today : लगातार चार सेशन की बढ़त के बाद निफ्टी में कल गिरावट दिखी। 4 अगस्त को प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बीच निफ्टी 0.64 फीसदी नीचे बंद हुआ। कल की गिरावट के बावजूद बाजार का ओवरऑल ट्रेंड मजबूत बना हुआ है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा इसे बेहतर मोमेंटम इंडिकेटर्स,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कम होती वोलैटिलिटी से भी सपोर्ट मिल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी सोमवार के हाई 24,744 से नीचे रहेगा तब तक कंसोलिडेशन का फेज़ जारी रहने की संभावना है। इसके लिए 24,500-24,400 के जोन तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,निफ्टी को ऊपर की ओर 25,000-25,150 की ओर जाने के लिए 24,744 के ऊपर बने रहने की जरूरत है
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,477, 24,412 और 24,306
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,688, 24,753 और 24,858
निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग लोअर शैडो के साथ एक स्मॉल बेयरिश कैंडल बनाई,जो दिखाता है कि निचले लेवल पर खरीदारी आ रही है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा,जिसमें शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते दिखे। यह एक मजबूत ब्रॉडर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। यह नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से भी ऊपर रहा,जो कुछ सेशन पहले एक रेजिस्टेंस लाइन का काम कर रही थी। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 61.77 पर आ गया,लेकिन अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) एक बुलिश क्रॉसओवर के बाद ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि हिस्टोग्राम के हरे बार लगातार तीसरे सेशन में बढ़े। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हाल ही में प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बावजूद, खरीदारी आ रही है और मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।
बैंक निफ्टी
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,050, 58,219, और 58,493
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,503, 57,334, और 57,060
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441
प्रॉफिट बुकिंग की वजह से बैंक निफ्टी 0.6 परसेंट गिर गया और डेली चार्ट्स पर निफ्टी जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बना। गिरावट के बावजूद,ओवरऑल ट्रेंड बुल्स के पक्ष में बना हुआ है,क्योंकि बैंकिंग इंडेक्स सभी मुख्य मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर ट्रेंड करते दिखे। इंडेक्स मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6 परसेंट फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी ऊपर बना रहा। RSI 55.25 तक गिर गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। MACD एक बुलिश क्रॉसओवर के कगार पर है,जबकि हिस्टोग्राम के लाल बार बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। कुल मिलाकर ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हाल की प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है और बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है। अगर एक बुलिश MACD क्रॉसओवर कन्फर्म होता है तो यह पॉजिटिव मोमेंटम को और मजबूत कर सकता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के इक्विटी खरीदे। इस बीच,घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट सेलर बन गए और लगभग ₹1,000 करोड़ के इक्विटी बेचे।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX ने कल एक और सेशन में अपनी बढ़त को आगे बढ़ाया। यह 2.22 प्रतिशत बढ़कर 12.19 पर पहुंच गया। हालांकि,यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा और खतरे के लेवल से काफी नीचे रहा। जब तक इंडिया VIX 14-15 जोन से नीचे बना रहता है,तब तक बुलिश मार्केट स्ट्रक्चर को कोई बड़ा रिस्क होने की उम्मीद नहीं है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 4 अगस्त को पिछले सेशन के 1.4 से गिरकर 0.99 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: भारतीय जीवन बीमा निगम
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।