Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
कल के कारोबार में BSE Sensex 296 अंकों की तेजी के साथ 57,420 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty50 इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से 253 अंक सुधरकर कारोबार के अंत में 82.50 अंकों की बढ़त के साथ 17,086 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,908.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,731.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,187.8 फिर 17,289.4 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
27 दिसंबर को बाजार पिछले दिन की गवांई तेजी के फिर से हासिल करने में सफल रहा। निफ्टी ने 0.5 फीसदी की तेजी के साथ बंद होनें को पहले इंट्राडे में 17,100 का स्तर छुआ। काल के कारोबार में ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती आती दिखी और Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.44 फीसदी और Smallcap 100 इंडेक्स 0.2 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
कल के कारोबार में BSE Sensex 296 अंकों की तेजी के साथ 57,420 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty50 इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से 253 अंक सुधरकर कारोबार के अंत में 82.50 अंकों की बढ़त के साथ 17,086 के स्तर पर बंद हुआ। इसनें डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाया। इसके पहले कल बाजार में गैपडाउन ओपनिंग देखने को मिली थी।
GEPL Capital के करन पई का कहना है कि प्राइस एक्शन पर नजर डालें तो 16,800 के करीब इंडेक्स में खरीदारी आती दिख रही है। ये इस बात का संकेत है कि इस लेवल के आसपास आने वाले कारोबारी सत्रों में खरीदारी आती दिख सकती है। ऊपर की तरफ 17,200-17,300 का जोन निफ्टी के लिए अहम होगा जिसपर नजरें रहनी चाहिए। जब तक निफ्टी 16,800 या 17,300 का स्तर नहीं तोड़ता तब तक ये हमें दायरे में दिखेगा और इन्ही स्तरों के बीच चक्कर लगाता दिखेगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकडे दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी। यहां इस बात का ध्यान रखें कि इस स्टोरी में दिए गए ओपन इंटरेस्ट (OI)और स्टॉक्स के वॉल्यूम से संबंधित आंकड़े तीन महीनों के आंकड़ों का योग हैं, ये सिर्फ चालू महीनें से संबंधित नहीं हैं।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,908.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,731.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,187.8 फिर 17,289.4 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
Nifty Bank
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 34,479.37 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 33,900.84 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 35,390.07 फिर 35,722.23 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कॉल ऑप्शन डेटा
18000 की स्ट्राइक पर 80.12 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 59.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17,000 की स्ट्राइक पर 58.58 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट है।
17000 की स्ट्राइक पर काल राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 19.14 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 18,000 पर भी 7.36 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17900 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17200 और फिर 17,300 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग रही।
पुट ऑप्शन डेटा
17000 की स्ट्राइक पर 92.78 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 16,500 पर सबसे ज्यादा 62.09 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 16,000 की स्ट्राइक पर 60.90 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट है।
17,000 की स्ट्राइक पर पुट राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 37.48 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 16,900 पर भी 17.99 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। जबकि 16,000 पर 22.19 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं।
17,200 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17,500 और फिर 17,300 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग रही।
हाई डिलिवरी परसेंटेज वाले शेयर
इनमें आईजीएल, सीयूबी, एलटी, एचयूएल और कॉलगेट पॉमोलिव के नाम शामिल हैं। हाई डिलिवारी परसेंटेज इस बात का संकेत होता है कि निवेशक उन शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं।
FII और DII आंकड़े
27 दिसंबर को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,038.25 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 955.79 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
2 दिसंबर को NSE पर 3 स्टॉक F&O बैन में हैं। इनमें Escorts, Indiabulls Housing Finance, Vodafone Idea और RBL Bank के नाम शामिल हैं। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।