Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई
Trading Plan : मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड जोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी वापसी (rebound) की कोशिश कर सकता है,बशर्ते यह 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखे। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है
Trading Plan :धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है
Trading Plan : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि अगर इंडेक्स 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो यह वापसी (रीबाउंड) की कोशिश कर सकता है। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 23,500–23,600 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस होगा। इस जोन के ऊपर जाने पर तेजी से बढ़त की संभावना बन सकती है। तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से नीचे आईं हैं,लेकिन $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी 5 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गए हैं।
बैंक निफ्टी की बात करें तो इसको 57,000 के लेवल तक जाने के लिए गुरुवार के हाई के आसपास यानी 56,600 के लेवल को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 55,800–55,700 का जोन इसके लिए सपोर्ट का काम कर सकता है।
निफ़्टी आउटलुक और रणनीति
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 23,100–23,150 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर उभर रहा है। इंडेक्स 23,483 के पास 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जिससे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सावधानी बरतने की जरूरत है। 23,300–23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स लगातार इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग के कारण यह 23,590–23,670 के स्तर तक जा सकता है।
29.95 पर RSI अभी भी ओवरसोल्ड जोन में है और अपने 33.93 के औसत से नीचे है,जो टेक्निकल बाउंस की संभावना दिखाता है। 0.95 का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)—जिसमें कॉल ओपन इंटरेस्ट,पुट ओपन इंटरेस्ट से थोड़ा ज्यादा है, डेरिवेटिव्स के मामले में सावधानी भरा माहौल दिखाता है। 23,400 के ऊपर जाने पर रिकवरी मज़बूत होगी,जबकि इस ज़ोन को वापस हासिल न कर पाने पर रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 23,300, 23,440, 23,575
अहम सपोर्ट: 23,150, 23,060, 22,900
स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 22 सितंबर की F&O एक्सपायरी के लिए 'शॉर्ट स्ट्रैंगल' स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे ₹100 पर 23,350 CE का एक लॉट और ₹100 पर 23,300 PE का एक लॉट बेच सकते हैं। यह सेटअप मार्केट के एक दायरे में रहने (साइडवेज मूवमेंट) की संभावना का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।
स्टॉप-लॉस: रिस्क मैनेजमेंट के लिए,इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान को ₹6,500 तक सीमित रखें।
टारगेट: इस स्ट्रेटेजी पर टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े के तौर पर ₹13,068 का लक्ष्य रखें। साथ ही, जब MTM मुनाफ़ा ₹6,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।
बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति
धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। 56,000 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह टूटता हैतो इंडेक्स 55,480 तक गिर सकता है। जबकि 56,500–56,800 का दायरा रिकवरी के लिए अहम है। RSI का 38.49 पर होना (जो इसके 43.62 के औसत से कम है) कमजोर मोमेंटम की पुष्टि करता है।
डेरिवेटिव्स का सेटअप अभी भी सावधानी वाला है। PCR 0.82 है और कॉल ओपन इंटरेस्ट 1.78 करोड़ है। जबकि पुट ओपन इंटरेस्ट 1.47 करोड़ है। 56,500–57,000 के आस-पास कॉल कंसंट्रेशन ऊपर की ओर बढ़त को रोक रहा है,जबकि 56,000 के पास पुट की पोजीशन सपोर्ट दे रही है। अगर बैंक निफ्टी लगातार 56,800 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है। वरना,रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020
अहम सपोर्ट: 56,000, 55,800, 55,500
स्ट्रैटेजी: जब निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स 56,250–56,200 के जोन से नीचे चला जाए तो ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,500 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। प्रॉफ़िट-बुकिंग के लिए टारगेट 55,900–55,800 की रेंज में रखें।
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