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Trump Tariffs: भारत पर आज से 50% का अमेरिकी टैरिफ लागू, क्या होगा असर? जानें 10 बड़ी बातें

Trump Tariffs: भारत पर आज 27 अगस्त से 50% का अमेरिकी टैरिफ लागू हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% का बेस टैरिफ और रूस से तेल खरीदने के लिए 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। यह टैरिफ दर बुधवार 27 अगस्त सुबह 9.31 बजे से लागू हो गई है। इस फैसले को समझने के लिए 10 अहम पहलुओं पर गौर करना जरूरी है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Aug 27, 2025 पर 1:47 PM
Trump Tariffs: भारत पर आज से 50% का अमेरिकी टैरिफ लागू, क्या होगा असर? जानें 10 बड़ी बातें
Trump Tariffs: सबसे ज्यादा खतरा टेक्सटाइल और जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर मंडरा रहा है

Trump Tariffs: भारत पर आज 27 अगस्त से 50% का अमेरिकी टैरिफ लागू हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% का बेस टैरिफ और रूस से तेल खरीदने के लिए 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। यह टैरिफ दर बुधवार 27 अगस्त सुबह 9.31 बजे से लागू हो गई है। इस फैसले को समझने के लिए 10 अहम पहलुओं पर गौर करना जरूरी है, जो भारत की अर्थव्यवस्था और वैभारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।

1. भारतीय उत्पादों पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। इसके साथ ही यह दुनिया का सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ झेलने वाले देशों में से एक बन गया है। जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट बताती है कि अब भारत का प्रभावी एक्सपोर्ट टैरिफ दर 34% तक पहुंच गया है। यह चीन के बाद दूसरा सबसे ऊंचा टैरिफ स्तर है। वहीं ASEAN देशों पर लगे 16% टैरिफ दर के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है।

2. जेपी मॉर्गन के अनुमान के मुताबिक भारत के घरेलू वैल्यू-ऐडेड निर्यात का लगभग 1.1% हिस्सा अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। इनमें सबसे ज्यादा खतरा टेक्सटाइल और मशीनरी सेक्टर को है, क्योंकि इन क्षेत्रों में वैल्यू-ऐड और श्रम-आधारित उत्पादन दोनों ही अधिक हैं। इस वजह से बढ़े हुए टैरिफ से भारत की कॉम्पिटिटीव बढ़त खत्म हो सकती है और इन इंडस्ट्रीज में रोजगार एवं निर्यात पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

3. सबसे ज्यादा खतरा टेक्सटाइल सेक्टर पर मंडरा रहा है। कॉटन बेडलिनेन और जर्सीज जैसे उत्पादों पर 50% टैरिफ लगने से भारत की कीमतों के स्तर पर मिलने वाला फायदा खत्म हो जाएगा और वे वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के हाथों अपना मार्केट शेयर खो सकते हैं। गोकलदास, इंडो काउंट और वेलस्पन लिविंग समेत भारत की कई प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियां, अपने कुल रेवेन्यू का 20% से 70% तक हिस्सा अमेरिकी बाजार से हासिल करती हैं।

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