Trump on Trade Deal: ट्रंप ने भारत से ट्रेड डील पर कही बड़ी बात, शेयर बाजार में दिख सकती है हलचल

Trump on Trade Deal: दावोस में ट्रंप के भारत-अमेरिका ट्रेड डील बयान से भारतीय शेयर बाजार में बड़ी हलचल दिख सकती है। ऊंचे टैरिफ, एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता और FII बिकवाली के बीच निवेशक Q3 नतीजों और डील की टाइमलाइन पर नजर रखे हुए हैं। जानिए ट्रंप ने क्या कहा और उसका किन कंपनियों पर असर हो सकता है।

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 10:47 PM
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ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका में निर्यात करने वाली कंपनियों के स्टॉक फोकस में रहेंगे।

Trump on Trade Deal: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे सकता है। पिछले कुछ सत्रों से बाजार दबाव में है और ऐसे में ट्रंप का बयान निवेशकों की नजर में काफी अहम माना जा रहा है।

दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समिट के दौरान Moneycontrol के चंद्रा श्रीकांत ने ट्रंप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सवाल किया। इस पर ट्रंप ने कहा, 'सबसे पहले मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं। वह एक महान व्यक्ति हैं और मेरे अच्छे दोस्त हैं। हम भारत के साथ एक अच्छी डील करेंगे।'


भारतीय निर्यात पर अभी भी भारी टैरिफ

हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह डील आखिरकार कब साइन होगी। इस पर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी है।

फिलहाल भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात पर करीब 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया जा रहा है। यही वजह है कि ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता बाजार पर लगातार दबाव बना रही है।

फोकस में एक्सपोर्ट वाली कंपनियां

ट्रंप के बयान के बाद एक बार फिर उन कंपनियों पर नजर टिक गई है, जिनका कारोबार काफी हद तक निर्यात पर निर्भर है। खास तौर पर टेक्सटाइल, झींगा फीड निर्यातक और फार्मा सेक्टर चर्चा में हैं।

फार्मा सेक्टर पर फिलहाल किसी तरह का टैरिफ नहीं है, लेकिन टेक्सटाइल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। Gokaldas Exports, Welspun Living, Pearl Global जैसी कंपनियों की 50 से 70 प्रतिशत तक की कमाई अमेरिकी बाजार से आती है। ऐसे में टैरिफ का सीधा असर इनके मुनाफे पर पड़ता है।

झींगा फीड कंपनियों ने निकाला वैकल्पिक रास्ता

अमेरिका झींगा फीड कंपनियों के लिए भी बड़ा बाजार है। Avanti Feeds, Apex Frozen Foods जैसी कंपनियां अमेरिका को बड़ा हिस्सा निर्यात करती हैं। हालांकि इन कंपनियों ने समय रहते यूरोपीय संघ जैसे वैकल्पिक बाजारों की ओर रुख कर लिया है। इससे झटका कुछ हद तक संभल गया है।

इन सभी सेक्टर्स पर टैरिफ का वास्तविक असर कंपनियों के Q3 नतीजों में सामने आएगा। फिलहाल ये नतीजे घोषित नहीं हुए हैं, इसलिए निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।

मोदी-ट्रंप संवाद और नया अमेरिकी राजदूत

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने पहले संबोधन में बताया कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत की जनता के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं।

यह संकेत जरूर देता है कि रिश्तों में संवाद बना हुआ है, लेकिन बाजार को असली राहत तब मिलेगी, जब ट्रेड डील पर ठोस फैसला सामने आएगा।

क्यों गिर रहा है भारतीय शेयर बाजार

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशंस में भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली है। इसके पीछे सिर्फ ट्रेड डील ही नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं।

जापान के बॉन्ड बाजार को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। निफ्टी के कई अहम टेक्निकल लेवल टूट चुके हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। रुपया भी कमजोर हो रहा है। इन सभी वजहों ने मिलकर बाजार को दबाव में डाल दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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