भारतीय शेयर बाजार ने दो हफ्ते की बढ़त के सिलसिले को तोड़ दिया। शेयर बाजार में 27 जनवरी को समाप्त हफ्ते में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हफ्ते की मजबूत शुरुआत के बाद एफआईआई द्वारा जारी बिकवाली के बीच बाजार में सेकंड हाफ में मुनाफावसूली देखने को मिली। इसने बेहतर तिमाही नतीजों को भी अनदेखा कर दिया। दूसरी तरफ निवेशक 1 फरवरी को ब्याज दर पर यूएस एफओएमसी की बैठक और और भारतीय यूनियन बजट (Indian Union Budget) से पहले घबराए हुए नजर आये। पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 1,290.87 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 59,330.9 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 423.3 अंक या 2.34 प्रतिशत गिरकर 17,604.35 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले महीने के लिए, सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 2.4 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई।
बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। किरी इंडस्ट्रीज, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, पीसी ज्वैलर, मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल, पावर मेक प्रोजेक्ट्स, जयंत एग्रो-ऑर्गेनिक्स और केबीसी ग्लोबल में 15-26 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, माणकसिया, काबरा एक्सट्रूज़न टेक्निक, एसवीपी ग्लोबल टेक्सटाइल्स, ब्लिस जीवीएस फार्मा, संदूर मैंगनीज एंड आयरन ओर, कंट्रोल प्रिंट और शालीमार पेंट्स में 9-17 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
पिछले हफ्ते बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स 3 प्रतिशत गिर गया। इसमें अडानी ट्रांसमिशन, अंबुजा सीमेंट्स, अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अडानी एंटरप्राइजेज और इंडस टावर्स में 20-26 प्रतिशत की गिरावट के नजर आई।
वहीं बीएसई मिड-कैप इंडेक्स 2.6 प्रतिशत गिरा। एसीसी, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, वोडाफोन आइडिया, अडानी पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स में कमजोरी के काराण ये इंडेक्स नीचे गिरा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 9.6 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में 7.5 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 7.4 प्रतिशत और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी रही।
बीएसई सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्केट कैप के लिहाज सबसे अधिक नुकसान हुआ। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक का नंबर रहा। दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा मोटर्स का मार्केटकैप सबसे ज्यादा बढ़ा। (डिस्क्लोजर: Moneycontrol.com नेटवर्क 18 का हिस्सा है। नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
पिछले हफ्ते भी विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign institutional investors (FIIs) ने अपनी बिकवाली जारी रखी। उन्होंने पिछले हफ्ते में 9,352.18 करोड़ रुपये के इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (domestic institutional investors (DIIs) बाजार को सपोर्ट कर रहे थे। उन्होंने 7,210.53 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदी। हालांकि, इस महीने में अब तक FIIs ने 29,232.29 करोड़ रुपये के इक्विटी बेची। जबकि DIIs ने 23,392.91 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदी है।
इस हफ्ते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे गिरकर 27 जनवरी को 81.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। जबकि 20 जनवरी को यह 81.12 पर बंद हुआ था।