Urban Company Shares: करीब डेढ़ महीने पहले घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुई अर्बन कंपनी ने लिस्टिंग के बाद पहली बार कारोबारी नतीजे जारी किए। सितंबर तिमाही के कारोबारी नतीजे आने के बाद अर्बन कंपनी के शेयरों को बेचने की होड़ लग गई। शेयरों की इस धड़ाधड़ बिकवाली पर अर्बन कंपनी के शेयर आज 6% से अधिक टूट गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 3.68% की गिरावट के साथ ₹151.75 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 6.38% टूटकर ₹147.50 तक आ गया था। इसके ₹103 के शेयर घरेलू स्टॉक मार्केट में 17 सितंबर 2025 को लिस्ट हुए थे।
Urban Company के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही?
चालू वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2025 में अर्बन कंपनी को ₹59.3 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जबकि जून तिमाही में इसे ₹6.9 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था। एक साल पहले की समान अवधि में इसे ₹1.82 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी का कहना है कि घाटे की मुख्य वजह इसकी हाल ही में लॉन्च हुई डेली हाउसकीपिंग वर्टिल इंस्टा हेल्प (Insta Help) में भारी-भरकम एकमुश्त निवेश रही जिसने कोर सर्विसेज और प्रोडक्ट्स बिजनेसेज में मजबूत ग्रोथ को एडजस्ट कर दिया। सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 37% बढ़कर ₹380 करोड़ पर पहुंच गया। जून तिमाही में इसे ₹367 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ था।
इंस्टा हेल्प के चलते कंपनी का टोटल खर्च तिमाही आधार पर सितंबर तिमाही में ₹384 करोड़ से बढ़कर ₹462 करोड़ पर पहुंच गया। इस वजह से कंपनी की एडजस्टेड EBITDA इस दौरान ₹21 करोड़ के मुनाफे से ₹35 करोड़ के घाटे में आ गई। अगर इंस्टा हेल्प को निकाल दिया जाए तो अर्बन कंपनी का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए प्रॉफिट ₹10 करोड़ पर रहा जोकि नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू का 0.9% रहा यानी कि कंपनी का कोर बिजनेस मुनाफे में रहा। इंस्टा हेल्प का ईबीआईटीडीए लॉस सितंबर तिमाही में ₹44 करोड़ रहा।
इंस्टा हेल्प को छोड़कर अर्बन कंपनी का भारतीय कंज्यूमर सर्विसेज बिजनेस सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 24% बढ़कर ₹262 करोड़ पर पहुंच गया। इस बिजनेस का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए ₹18 करोड़ रहा जोकि कि नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू (NTV) का 2.4% रहा जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह वैल्यू 3.1% थी। इसकी वाटर प्योरिफायर और इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक बेचने वाली स्मार्ट होम प्रोडक्ट्स वर्टिकल नेटिव (Native) की बात करें तो इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 179% बढ़कर ₹75 करोड़ पर पहुंच गया और घाटा इस दौरान 30% से गिरकर एनटीवी के 9% पर आ गया। वहीं इंटरनेशनल बिजनेस (यूएई और सिंगापुर) की बात करें ऑपरेटिंग लेवल पर यह ब्रेकइवन स्थिति में पहुंच गई। सालाना आधार पर इसका रेवेन्यू 66% बढ़कर ₹41 करोड़ पर पहुंच गया।
सितंबर तिमाही के आखिरी में कंपनी की कैश और इक्विवैलेंट्स ₹2,136 करोड़ रही जबकि जून तिमाही के आखिरी में ₹1,664 करोड़ पर था। कंपनी को उम्मीद है कि नियर टर्म में एडजस्टेड ईबीआईटीडीए लॉस में रह सकता है कि इंस्टा हेल्प में यह आगे भी निवेश जारी रख सकती है। हालांकि कंपनी का कहना है कि देश-विदेश में इसका कोर बिजनेस मुनाफे में बना रहेगा और कैश जेनेरेट होगा।
अब तक कैसा रहा शेयरों का परफॉरमेंस?
अर्बन कंपनी क ₹1900 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹103 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। 17 सितंबर को लिस्टिंग के दिन इसकी घरेलू स्टॉक मार्केट में 57% प्रीमियम पर एंट्री हुई थी। कुछ ही दिनों बाद 22 सितंबर 2025 को यह बीएसई पर 201.00 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि फिर मुनाफावसूली के दबाव में यह फिसल गया और 24 अक्टूबर 2025 को एक साल के निचले स्तर 145.20 पर आ गया।
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