US India trade deal impact : पिछले एक साल से भारतीय बाज़ार विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। टैरिफ की अनिश्चितता, करेंसी में उतार-चढ़ाव और कमजोर विदेशी निवेश से निवेशकों का भरोसा टूटा हुआ है। ऐसे में निवेशक बेसब्री से बदलाव के संकेतों का इंतज़ार कर रहे हैं। ये बातें मनीकंट्रोल से हुई एक खास बातचीत में अमेरिका स्थित पाइनट्री मैक्रो के फाउंडर रितेश जैन ने कही हैं। उनका कहना है कि US टैरिफ डील से रुपये में स्थिरता आ सकती है और ग्लोबल कैपिटल फ्लो भारत के मार्केट आउटलुक को नया रूप दे सकता है।
