US Market first fall in 2026: अमेरिकी मार्केट में बुधवार को मुनाफावसूली का काफी दबाव दिखा और इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज रिकॉर्ड हाई से फिसल गए। इसके साथ ही डाऊ जोन्स (Dow Jones) और एसएंडपी 500 (S&P500) इस साल पहली बार रेड जोन में बंद हुए। अमेरिकी स्टॉक मार्केट को यह झटका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ बयानों और मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से लगा। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी दिनों में डाउ जोन्स करीब 1500 प्वाइंट्स मजबूत होकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन अब बुधवार को यह करीब 500 प्वाइंट्स कमजोर हुआ। वहीं एसएंडपी500 की बात करें तो इस साल के चौथे कारोबारी दिन यह फिर उछलकर 6,965 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा तो लेकिन फिर यह रेड जोन में बंद हुआ। नास्डाक (Nasdaq) की बात करें तो यह हल्की बढ़त के साथ बंद तो हुआ लेकिन इंट्रा-डे हाई से इसमें 150 प्वाइंट्स की गिरावट आई।
Trump Effect: ट्रंप के किस बयान ने मचाई तबाही?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स को निशाना बनाया और कहा कि वह ऐसे कदम उठाएंगे जिससे यह सुनिश्चित हो कि वे सिंगल फैमिली होम्स न खरीद सकें ताकि अमेरिका में घर किफायती हो सकें। ट्रंप के इस बयान पर ब्लैकस्टोन के शेयरों में 9% तक की गिरावट आई। इसके अलावा केबी होम, डीआर हॉर्टन और अन्य कंपनियों के शेयर 3%-5% तक टूट गए। ब्लैकस्टोन में गिरावट के बाद कुछ रिकवरी तो हुई लेकिन दिन के आखिरी में इसके शेयर 5% से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रक्षा कंपनियों को भी निशाने पर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं, जिसमें रक्षा कंपनियों से शेयर बायबैक और शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड बांटने की पहल बंद करने और इनकी बजाय प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने औकर आरएंडी में अधिक निवेश करने को कहा गया है। इसके चलते लॉकहीड मार्टिन जैसी डिफेंस कंपनियों के शेयर 5%-6% तक गिग गए।
अमेरिकी स्टॉक मार्केट में बुधवार को आए आर्थिक आंकड़ों ने भी दबाव बनाया जो मिले-जुले रहे। एडीपी प्राइवेट पेरोल्स 50 हजार के अनुमान के मुकाबले 41,000 बढ़े। JOLTS जॉब ओपनिंग्स के आंकड़े भी एक साल से अधिक समय के निचले स्तर पर आ गए, जबकि ISM सर्विसेज PMI अक्टूबर 2024 के बाद के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया।
कमोडिटी मार्केट में क्या रहा हाल?
ओवरनाइट चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में भारी गिरावट दिखी जिससे पहले से ही अस्थिर बाजार में और उतार-चढ़ाव बढ़ गया। सिटीग्रुप ने चेतावनी दी है कि इस हफ्ते कमोडिटी इंडेक्स री-बैलेंसिंग के दौरान सोने और चांदी से लगभग $700-$700 करोड़ की निकासी हो सकती है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 99 की तरफ बढ़ा जबकि कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल $60 के आसपास स्थिर रहीं। अब निवेशकों की नजर शुरुआती जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों और ट्रेड डेफिसिट डेटा पर रहेगी।