US Market : वॉल स्ट्रीट में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। इससे इस बात की पुष्टि हो गई है कि नैस्डैक कंपोजिट मंदी के दौर में है और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करेक्शन के चरण में है। ग्लोबल ट्रेड वॉर ने कोविड महामारी के बाद बाजार को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाया है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज,एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कोरोनावायरस के कारण वैश्विक दहशत पैदा होने के बाद की अपनी सबसे बड़ी दो दिवसीय गिरावट दर्ज की। गुरुवार और शुक्रवार को, डॉव 9.3 फीसदी, एसएंडपी 500 इडेक्स 10.5 फीसदी और नैस्डैक 11.4 फीसदी टूट गया।
ट्रंप के टैरिफ़ नीति के कारण ग्लोबल मंदी की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इससे अमेरिकी कंपनियों के खरबों डॉलर का मार्केट कैप स्वाहा हो गया है। निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट को दर्शाते हुए CBOE वोलैटिलिटी इंडेक्स (वॉल स्ट्रीट का फीयर गेज) अप्रैल 2020 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर बंद हुआ।
बुधवार को ट्रंप द्वारा टैरिफ ऐलान के बाद बाजार में जोरदार बिकवाली आई। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों द्वारा जवाबी कार्रवाई से स्थितियां और बिगड़ सकती हैं। शुक्रवार को रिकॉर्ड तोड़ संख्या में शेयरों का कारोबार हुआ। इस दिन अमेरिकी एक्सचेंजों पर लगभग 26.79 अरब शेयरों का कारोबार हुआ। यह आंकड़ा 27 जनवरी 2021 को ट्रेड हुए 24.48 अरब शेयरों के पिछले हाई को भी पार कर गया।
नैस्डैक शुक्रवार को 962.82 अंक या 5.82 फीसदी गिरकर 15,587.79 पर आ गया, जिससे इस बात की पुष्टि हो गई कि यह टेक हैवी इंडेक्स 16 दिसंबर को 20,173.89 के अपने रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई की तुलना में मंदी के दौर में है। इस बीच, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,231.07 अंक या 5.50 फीसदी गिरकर 38,314.86 अंक पर आ गया। इसी तरह एसएंडपी 500 इंडेक्स 322.44 अंक या 5.97 फीसदी की गिरावट के साथ 5,074.08 अंक पर बंद हुआ,जो 11 महीनों में इसका निम्नतम स्तर है।
वीकली आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 अप्रैल को बीते सप्ताह के दौरान एसएंडपी 500 में 9.1 फीसदी की गिरावट आई, डाओ जोन्स में 7.9 फीसदी की गिरावट आई तथा नैस्डैक में 10 फीसदी की गिरावट आई।
इंटरएक्टिव ब्रोकर्स के चीफ स्ट्रेटेजिस्ट स्टीव सोसनिक ने कहा,"फिलहाल,स्थिति कितनी बुरी होगी,यह इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रशासन उन नीतियों के प्रति कितना प्रतिबद्ध है,जिनका बाजार स्पष्ट रूप से विरोध कर रहा है।"
दुनिया के दूसरे देशों ने शुक्रवार को ट्रंप के टैरिफ घोषणा पर प्रतिक्रिया देनी शुरू दी। इससे ग्लोबल मंदी का अशंका और गहरी हो गई है। जेपी मॉर्गन का कहना कि इस साल के अंत तक ग्लोबल अर्थव्यवस्था में मंदी आने की संभावना 60 फीसदी है,जो पहले 40 फीसदी थी।
चीन के वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी वस्तुओं पर 34 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। इस बीच, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और इटली के प्रधानमंत्रियों ने ट्रंप के टैरिफ हमले का जवाब देने के तरीके पर चर्चा की है। यूबीएस वेल्थ मैनेजमेंट की प्रबंध निदेशक मरियम एडम्स ने कहा, "हम इस समय ट्रेड वॉर के अराजक दौर में हैं।"
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बात करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि भारी टैरिफ से महंगाई बढ़ने और ग्रोथ में सुस्ती का खतरा पैदा हो गया है।
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