US Markets: आज मंगलवार, 31 मार्च को वॉल स्ट्रीट के वायदा सौदे 1 फीसदी तक भाग गए है। इससे अमेरिकी रेग्युलर बाजारों के मज़बूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। वहीं,तेल की कीमतें लगभग 1 फीसदी गिर गईं है। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए तैयार हैं। इससे बाजार में जोश आ गया है।
भारतीय समय के मुताबिक सुबह करीब 10:45 बजे, Nasdaq-100 से जुड़े फ्यूचर्स में 0.55 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही थी। वहीं, S&P 500 के फ्यूचर्स में 0.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। जबकि Dow Jones Industrial Average के फ्यूचर्स में 0.8 फीसदी का गेन देखने को मिल रहा था।
मंगलवार को तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोले बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं।
इस खबर के बाद मई Brent crude फ्यूचर्स 1.22 डॉलर या 1.08 फीसदी गिरकर 111.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। जबकि सत्र की शुरुआत में इनमें करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई थी। मई का कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को समाप्त हो रहा है,जबकि जून का ज्यादा एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट 105.76 डॉलर पर दिख रहा था।
एक्पर्ट्स का कहना है कि ब्रेंट की कीमतों में आई यह गिरावट युद्ध खत्म होने की संभावना पर हुई एक छोटी अवधि की प्रतिक्रिया है। उन्होंने आगे कहा कि बाजार के रुख में कोई भी बड़ा बदलाव,होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले कारोबार के पूरी तरह से बहाल होने पर ही निर्भर करेगा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सोमवार को,सरकारी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि ट्रंप इस संघर्ष को खत्म करने के लिए तैयार हैं,भले ही यह होर्मुज़ स्ट्रेट काफी हद तक बंद ही क्यों न रहे। वे इसे फिर से खोलने के मुद्दे को बाद में सुलझाना चाहते हैं।
इस बीच एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 1.3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इस महीने इसमें कुल 12.6 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार को 3.46 फीसदी नीचे गिर गया है और यह इस महीने 17 फीसदी से अधिक की गिरावट की ओर बढ़ रहा है, जो कि 2008 के बाद से इसकी सबसे बड़ी गिरावट है।
घरेलू बाज़ार की बात करें तो इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी कल 30 मार्च को 2025-26 वित्त वर्ष के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में काफ़ी नीचे बंद हुए थे। इसकी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं,जिससे निवेशकों का मूड कमज़ोर रहा।
सोमवार 30 मार्च को सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 फीसदी गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ। इंट्रा डे में यह 1,809.09 अंक या 2.45 फीसदी गिरकर 71,774.13 तक पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 फीसदी गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ था।