US Stock Markets: शेयर बाजार के निवेशकों को आने वाले दिनों में काफी उथलपुथल का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयान के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स अमेरिकी शेयर बाजार में 10 से 15% तक की भारी गिरावट आने की आंशका जता रहे हैं। यार्डेनी रिसर्च के प्रेसिडेंट, एड यार्डेनी ने अमेरिकी मार्केट में 10-15% के करेक्शन का अनुमान लगाया है। वहीं रेमंड जेम्स इन्वेस्टमेंट के मैट ऑर्टन ने बाजार में 8% तक की गिरावट आने का अनुमान जताया है और कहा कि यह गिरावट निवेशकों को खरीदारी का एक आकर्षक मौका दे सकती है। अमेरिकी शेयर बाजार में अगर गिरावट आई तो इसका असर भारतीय शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।
एड यार्डेनी और मैट ऑर्टन का यह बयान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों के बाद आया है। फेडरल रिजर्व ने 2025 के लिए न सिर्फ अपने महंगाई के अनुमान को बढ़ा दिया, बल्कि उसने 2025 में ब्याज दरों में उम्मीद से कम कटौती का भी संकेत दिया है। इसके चलते डॉलर इंडेक्स उछलकर अपने 2 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके चलते बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
फेडरल रिजर्व ने कहा कि उसे 2025 के दौरान ब्याज दरों में सिर्फ दो बार कटौती होने का अनुमान है। जबकि शेयर बाजार कम से कम 4 कटौती होने की उम्मीद कर रहा था। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने अपने बयान में कहा कि 2025 में महंगाई दर के ऊंची बने रहने का अनुमान है, जिसके चलते ब्याज दरों में कटौती को लेकर फेडरल रिजर्व सावधानी से कदम उठाएगा।
जेरोम पॉवेल ने महंगाई के अनुमान में भी बढ़ोतरी की जानकारी दी। उन्होंने फेडरल रिजर्व को 2024 में अब महंगाई दर के 2.8 फीसदी और 2025 में 2.5 फीसदी रहने का अनुमान है। इससे पहले उन्होंने सितंबर में महंगाई दर के क्रमश: 2.6 फीसदी और 2.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।
पॉवेल के इस बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार भर-भराकर गिर गए। डाउ जोंस इंडेक्स 1100 अंक या करीब 2.6 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। यह अगस्त के बाद इसमें किसी एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। वहीं S&P 500 इंडेक्स 3 फीसदी लुढ़ककर 6,000 पर चला गया, जबकि नैस्डेक 3.6 फीसदी टूटकर 20,000 के नीचे बंद हुआ।
यार्डेनी का मानना है कि बाजार में यह गिरावट फेड के बदले रुख के चलते आई है। उन्होंने कहा, "इकोनॉमी लचीली बनी हुई है और हो सकता है कि फेड ने इससे पहले ब्याज दरों में आक्रामक कटौती करके इसमें जोश भर दिया हो। लेकिन इसका नया रुख अच्छा है। मैं नहीं चाहता था कि यहां कोई मंदी आए।"
वहीं मैट ऑर्टन ने कहा कि शॉर्ट-टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव दिख सकती है, लेकिन अर्निंग ग्रोथ सहित मार्केट से जुड़े बाकी फंडामेंटल्स पहले की तरह ही मजबूत बने हुए हैं। ऐसे में कोई भी बड़ी गिरावट मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी का एक मौका हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।