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Vedanta Demerger: पांच हिस्सों में टूट रहा वेदांता का बिजनेस, 21 लाख खुदरा निवेशकों के लिए इसलिए है खास ऐलान

Vedanta Demerger: वेदांता का बिजनेस पांच हिस्सों में टूटने वाला है और पांचों के शेयर अलग-अलग लिस्ट होंगे। इसक डीमर्जर के लिए रिकॉर्ड डेट फिक्स हो चुकी है। जानिए कि इसके करीब 21 लाख खुदरा निवेशकों को क्या मिलने वाला है और कब तक और जानिए कि कंपनी अपने कारोबार को टुकड़ों में क्यों बांट रही है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 21, 2026 पर 1:17 PM
Vedanta Demerger: पांच हिस्सों में टूट रहा वेदांता का बिजनेस, 21 लाख खुदरा निवेशकों के लिए इसलिए है खास ऐलान
Vedanta पांच हिस्सों में टूट रही है जिसका रिकॉर्ड डेट 1 मई फिक्स किया गया है।

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल की दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता का डिमर्जर होने वाला है। यह पांच हिस्सों में टूटने वाली है और इससे अलग होकर चार अन्य कंपनियां लिस्ट होंगी। पिछले कारोबारी दिन 20 अप्रैल को वेदांता ने इस डीमर्जर को लेकर 1 मई 2026 की रिकॉर्ड डेट फिक्स होने की जानकारी दी। इसका मतलब हुआ कि अगर 29 अप्रैल 2026 तक वेदांता के शेयर खरीद लेते हैं तो इससे अलग होकर घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने वाली कंपनियों के शेयर मिल जाएंगे। इसका मतलब हुआ कि अगर रिकॉर्ड डेट को आपके पास वेदांता के शेयर रहेंगे तो आपके इसके एलुमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन और स्टील बिजनेस के भी शेयर मिल जाएंगे। इनकी चार से आठ हफ्ते में घरेलू स्टॉक मार्केट में एंट्री हो सकती है।

21 लाख रिटेल शेयरहोल्डर्स को मिलेंगे शेयर

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से वेदांता के 20.5 लाख से अधिक रिटेल शेयरहोल्डर्स हैं। रिटेल शेयरहोल्डर्स यानी ऐसे निवेशक जिन्होंने कंपनी में ₹2 लाख तक का निवेश किया हुआ है। रिकॉर्ड डेट पर जिनके पोर्टफोलियो में वेदांता के शेयर होंगे, उन्हें चार और कंपनियों के शेयर मिल जाएंगे।

Vedanta Demerger की क्या है वजह?

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