Vedanta Resource ने दी सफाई, लाल हो गए वेदांता और वेदांता एल्युमिनियम के शेयर

Vedanta News: वेदांता और वेदांता एल्युमिनियम के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में नीचे आए। हालांकि इनके शेयरों में मार्केट की मौजूदा स्थिति के अलावा एक और बात ने असर डाला। वेदांता रिसोर्सेज ने एक मामले में सफाई दी है। जानिए क्या है पूरा मामला

अपडेटेड Aug 27, 2026 पर 12:02 PM
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Vedanta Resources का कहना है कि फिलहाल वेदांता, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में भी अपनी हिस्सेदारी बेचने की उसकी कोई योजना नहीं है।

Vedanta News: वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि यह वेदांता (Vedanta) या वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium) में अपनी हिस्सेदारी हल्की करने की योजना बना रही है। ऐसे में इसका असर इसके शेयरों पर भी दिखा। वेदांता के शेयर फिलहाल बीएसई पर 1.78% की गिरावट के साथ ₹281.55 (Vedanta Share Price) और वेदांता एल्युमिनियम के शेयर 0.90% की फिसलन के साथ ₹458.40 (Vedanta Aluminium Share Price) पर हैं।

क्या कहना है Vedanta Resources का?

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता रिसोर्सेज का कहना है कि फिलहाल वेदांता, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में भी अपनी हिस्सेदारी बेचने की उसकी कोई योजना नहीं है। कंपनी के मुताबिक इसका फोकस फिलहाल ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन पर बना हुआ है। इसके तहत कंपनी की योजना पांच अलग-अलग बिजनेस की कंपनियों में डिमर्जर, महत्वाकांक्षी ग्रोथ कैपेक्स पाइपलाइन, कर्ज में कमी और शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने पर अधिक ध्यान देने की है। वेदांता रिसोर्सेज का कहना है कि अपनी लॉन्ग टर्म ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी के तहत “Five Vedantas” यानी पांच अलग-अलग वेदांता कंपनियां के लिए प्रतिबद्ध है।


₹540 तक जाएगा Vedanta Aluminium का शेयर?

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने वेदांता एल्युमिनियम की खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹540 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि वेदांता एल्युमिनियम अब मजबूत कमाई के चरण में एंट्री करने वाला है और वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच इसका ईबीआईटीडीए सालाना 18% की रफ्तार से बढ़ सकता है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक इसे प्रोडक्शन और सेल्स वॉल्यूम में उछाल, अधिक इंटीग्रेशन के कारण लागत में स्ट्रक्चरल कॉस्ट और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी से सपोर्ट मिलेगा।

ब्रोकरेज फर्म को यह भी उम्मीद है कि एल्युमिनियम के वैश्विक मार्केट में स्ट्रक्चरल रूप से सप्लाई कम हो सकती है। चीन के प्रोडक्शन कैप, यूरोप और रूस में सप्लाई की दिक्कतें और चीन के बाहर कई वर्षों से नई कैपेसिटी में कम निवेश के चलते सप्लाई को झटका लग सकता है। भारत में मजबूत घरेलू मांग और आयात के स्थान पर घरेलू उत्पादन की संभावनाएं भी वेदांता एल्युमिनियम को सपोर्ट दे सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के वैल्यूएशन में भी री-रेटिंग की गुंजाइश है, क्योंकि वेदांता एल्युमिनियम का वैल्यूएशन उसके कॉम्पटीटर्स की तुलना में कम है।

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