ऑफर फॉर सेल रूट के जरिये हिंदुस्तान जिंक के 11 करोड़ शेयर बेचेगी वेदांता लिमिटेड

वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक की 2.6 पर्सेंट हिस्सेदारी यानी 11 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये बेचने का फैसला किया है। कंपनी ने 13 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 13 अगस्त को हिंदुस्तान जिंक के शेयर तकरीबन 4.6 पर्सेंट की गिरावट के साथ 586 रुपये पर बंद हुए। अगर 586 रुपये के करेंट मार्केट प्राइस के लिहाज से देखें, तो ऑफर फॉर सेल डील की साइज 6,400 करोड़ रुपये होगी

अपडेटेड Aug 13, 2024 पर 7:29 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वेदांता का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 35,764 करोड़ रुपये रहा।

वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक की 2.6 पर्सेंट हिस्सेदारी यानी 11 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये बेचने का फैसला किया है। कंपनी ने 13 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। फाइलिंग में बताया गया, 'कमेटी ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) के 11 करोड़ शेयरों की बिक्री की मंजूरी दे दी है, जो हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 2.60 पर्सेंट है। '

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 13 अगस्त को हिंदुस्तान जिंक के शेयर तकरीबन 4.6 पर्सेंट की गिरावट के साथ 586 रुपये पर बंद हुए। अगर 586 रुपये के करेंट मार्केट प्राइस के लिहाज से देखें, तो ऑफर फॉर सेल डील की साइज 6,400 करोड़ रुपये होगी। अगर 10 पर्सेंट डिस्काउंट यानी 527 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से भी देखें, तो OFS की वैल्यू 5,801.4 करोड़ रुपये होगी।

जून तिमाही के मुताबिक, हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की हिस्सेदारी 64.92 पर्सेंट हैं और ज्यादातर शेयर गिरवी हैं। वेदांता ने हाल में गिरवी रखे 4 पर्सेंट शेयरों की बिक्री की है। यह बिक्री इंस्टीट्यूशनल शेयर सेल के जरिये की गई है। वेदांता की अगुवाई वाली इस कंपनी में सरकार की 29.54 पर्सेंट हिस्सेदारी है। सीएनबीसी टीवी18 (CNBC-TV18) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार हिंदुस्तान जिंक में ऑफर फॉर सेल के प्लान पर फिर से विचार कर रही है। कंपनी की योजना अलग-अलग चरणों में स्टेक बेचने की है।


इससे पहले सरकार ने वित्त वर्ष 2023 के आखिर तक हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने का टारगेट तय किया था। हालांकि, इस सिलसिले में कई मुकदमों की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाई थी। सेबी के रेगुलेशंस के मुताबिक, हिंदुस्तान जिंक के OFS में वेदांता एक तिहाई से ज्यादा शेयर नहीं खरीद सकती।

वेदांता के नतीजे

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वेदांता का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 35,764 करोड़ रुपये रहा, जबकि उसका इबिट्डा (EBITDA) सालाना 55 पर्सेंट बढ़कर 9,945 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, संबंधित अवधि में वेदांता का नेट प्रॉफिट 5 पर्सेंट गिरकर 3,150 रुपये रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में वेदांता का शेयर 1.65 पर्सेंट की गिरावट के साथ 424.95 रुपये पर बंद हुआ।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।