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Voda Idea को ₹23000 करोड़ की बड़ी राहत, दस साल तक बड़ा पैसा जुटाने की झंझट भी खत्म

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही वोडा आइडिया को ₹23000 करोड़ से बड़ी राहत मिली है। सिर्फ यही नहीं, एक ऐसी बड़ी राहत मिली है कि कई वर्षों तक बड़ा पैसा जुटाने की जरूरत भी नहीं रह गई। इसका असर अब शेयरों पर भी दिख सकता है। ऐसे में जानिए कि वोडा आइडिया को कैसी राहतें मिली हैं

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 01, 2026 पर 9:57 AM
Voda Idea को ₹23000 करोड़ की बड़ी राहत, दस साल तक बड़ा पैसा जुटाने की झंझट भी खत्म
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने दिसंबर 2025 तक की Voda Idea की एजीआर देनदारी को ₹64,046 करोड़ कर दिया है जोकि पहले के अनुमान ₹87,695 करोड़ से ₹23,649 करोड़ कम है।

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया को बड़ी राहत मिली है। इसकी वजह ये है कि सरकार ने इसके एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए में बदलाव किया है और इसे कम किया है। टेलीकॉम कंपनी ने यह जानकारी गुरुवार 30 अप्रैल को एक्सचेंज फाइलिंग में दी। एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक वोडा आइडिया को ₹23,000 करोड़ की राहत मिली है। चूंकि आज महाराष्ट्र दिवस को स्टॉक मार्केट बंद है तो इस राहत का असर सोमवार 4 मई को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों की चाल पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 30 अप्रैल को बीएसई पर यह 0.68% की गिरावट के साथ ₹10.22 (Voda Idea Share Price) पर बंद हुआ था।

Voda Idea पर अब कितनी है एजीआर की देनदारी?

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने दिसंबर 2025 तक की वोडा आइडिया की एजीआर देनदारी में बदलाव किया है। टेलीकॉम विभाग ने इसे ₹64,046 करोड़ किया है जोकि पहले के अनुमान ₹87,695 करोड़ से ₹23,649 करोड़ कम है। यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हुआ है जिसमें सरकार को एजीआर कैलकुलेशंस पर टेलीकॉम कंपनियों की शिकायतों पर विचार करने की मंजूरी दी गई थी।

हालांकि वोडा आइडिया को सिर्फ एजीआर बकाए में कटौती का ही फायदा नहीं मिला है बल्कि इसे कब चुकाना है, इसे लेकर भी बड़ी राहत मिली है। अब वोडा आइडिया को तुरंत चुकाना नहीं शुरू करना है। इसकी बजाय कंपनी को वित्त वर्ष 2032 से चार साल तक सालाना कम से कम ₹100 करोड़ देने हैं। इसके बाद जो बकाया होगा, उसे वित्त वर्ष 2036 से वित्त वर्ष 2041 तक चुकाने के लिए समान छह सालाना किश्तों में बांट दिया जाएगा।

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