वोडाफोन आइडिया को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी, अधर में लटक सकती है कंपनी की कैपेक्स योजना

वोडाफोन इंडिया (Vodafone Idea) के लिए एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये पर राहत मिलना बेहद अहम होता जा रहा है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि अगर AGR मोर्चे पर कोई ठोस राहत नहीं मिलती, तो कंपनी के लिए बैंकों से फंडिंग की उम्मीदें फीकी पड़ सकती हैं। इसके बाद कंपनी के लिए इक्विटी के जरिए फंडिंग जुटाना ही इकलौता विकल्प बन जाएगा

अपडेटेड Jun 03, 2025 पर 11:07 PM
Story continues below Advertisement
Vodafone Idea Shares: वोडाफोन आइडिया पर अभी भी 76,000 करोड़ रुपये का AGR बकाया है

मुश्किलों से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी, वोडाफोन इंडिया (Vodafone Idea) के लिए एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये पर राहत मिलना बेहद अहम होता जा रहा है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि अगर AGR मोर्चे पर कोई ठोस राहत नहीं मिलती, तो कंपनी के लिए बैंकों से फंडिंग की उम्मीदें फीकी पड़ सकती हैं। इसके बाद कंपनी के लिए इक्विटी के जरिए फंडिंग जुटाना ही इकलौता विकल्प बन जाएगा।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “अगर AGR पर कोई राहत नहीं मिलती तो कंपनी के लिए बैंकों से कर्ज मिलना मुश्किल रहेगा। ऐसी स्थिति में वोडाफोन आइडिया को अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए नई इक्विटी जुटानी ही होगी।”

हालांकि सरकार ने हाल में करीब 37,000 करोड़ रुपये के कर्ज को इक्विटी में बदलकर वोडाफोन आइडिया को थोड़ी राहत दी थी। लेकिन कंपनी को अपने नेटवर्क विस्तार और 4G कवरेज को तेजी से बढ़ाने के लिए कंपनी को अब भी बड़े पैमाने पर कर्ज की जरूरत है।


सरकार ने नहीं दिए नए संकेत

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार को दिए एक इंटरव्यू में साफ किया कि AGR बकाया को लेकर अब और कोई राहत नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट पहले ही टेलीकॉम कंपनियों की याचिका खारिज कर चुका है जिसमें वे ब्याज और पेनल्टी माफ करने की मांग कर रहे थे।

बैंकों से अब भी जारी है बातचीत

वोडाफोन आइडिया के CEO अक्षय मूंदड़ा ने 2 जून को आयोजित एक अर्निंग्स कॉल में कहा कि AGR मुद्दे पर कंपनी फिर से सरकार से बातचीत कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि आगे रास्ता निकलेगा। उन्होंने कहा, “मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि सरकार राहत देने से पीछे हटे।”

ब्रोकरेज फर्म नुवामा के मुताबिक, “कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए जरूरी फंडिंग को लेकर निवेशकों की निगाहें अब पूरी तरह बैंकों से मिलने वाले कर्ज पर टिकी हैं। जब तक बैलेंस शीट दुरुस्त नहीं होती, वोडाफोन आइडिया के लिए टिके रहना मुश्किल है।”

कैपेक्स में तेजी, लेकिन मंजिल दूर

वोडाफोन आइडिया ने मार्च तिमाही में 4,230 रुपये का कैपेक्स किया, जो पिछली तिमाही से 32% अधिक है। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमारी में कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 7,440 करोड़ रहा, जो पहली छमाही के मुकाबले 251% की तेज बढ़ोतरी है। इससे कंपनी ने अपनी 4G कवरेज को 77% से बढ़ाकर 83% कर लिया है।

वोडाफोन आइडिया का लक्ष्य अब 90% जनसंख्या तक 4G कवरेज पहुंचाना है, जिसके लिए उसे करीब 2.2 लाख ब्रॉडबैंड साइट्स लगाने होंगे। लेकिन यह तभी संभव होगा जब बैंक फंडिंग समय पर मिले। मौजूदा संसाधनों से कंपनी 85–86% कवरेज तक पहुंच सकती है।

बकाया और चुनौतियां

वोडाफोन आइडिया पर अभी भी 76,000 करोड़ रुपये का AGR बकाया हैं, जिनमें से 16,000 करोड़ रुपये की किस्त मार्च 2026 में देनी है। ऐसे में 25,000 करोड़ रुपये कर्ज और 20,000 करोड़ रुपये की इक्विटी जुटाने की योजना कंपनी के सामने है, लेकिन यह सब कुछ AGR पर सरकार के अगले कदम पर निर्भर करता है।

Ambit Insights के मुताबिक, “सरकार की ओर से AGR की किस्त टालनी या छूटे जैसे कदम कंपनी को बैंक कर्ज जुटाने और नेटवर्क विस्तार में मदद देंगे, जो ग्राहकों को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।”

यह भी पढ़ें- Block Deal: फ्लिपकार्ट बेचेगी ₹600 करोड़ के शेयर, कल 4 जून को शेयर बाजार में सकती है बड़ी ब्लॉक डील

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।