वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की मुश्किलें लग रहा है कि थोड़ी कम होने वाली हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। उनका कहना है कि इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है। फंडिंग की शर्तों में यह शामिल है कि अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला लोन की अवधि के दौरान चेयरमैन बने रहेंगे। डिफॉल्ट होने की स्थिति में उन्हें पेमेंट की गारंटी भी देनी होगी।
Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत मजबूत
कंपनी के शेयरों में 11 सितंबर को तेजी है। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक चढ़कर 15.20 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक महीने में 16 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
वोडाफोन आइडिया मजबूत स्थिति में आने के लिए कर्ज जुटाने पर काम कर रही है। CNBC-TV18 ने मई में रिपोर्ट दी थी कि कंपनी कर्ज देने वालों के साथ बातचीत कर रही है। SBI के इस ग्रुप की अगुवाई करने की संभावना जताई गई थी।
जून तिमाही में घाटे में गिरावट
कर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।
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