वोडाफोन आइडिया ने मंगलवार को जानकारी दी है कि सोमवार को हुई उसकी बोर्ड मीटिंग में कंपनी के बकाए स्पेक्ट्रम ऑक्शन की किस्तों और बकाया AGR की पूरी ब्याज राशि को इक्विटी में कन्वर्ट करने का फैसला लिया गया है। इस कन्वर्जन के परिणामस्वरूप प्रमोटर समेत कंपनी के सभी वर्तमान शेयर धारकों की हिस्सेदारी डाइल्यूट हो जाएगी। इस हिसाब से सरकार Vodafone Idea में एक तिहाई हिस्सेदारी लेगी। इस ब्याज की नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV)करीब 16,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह अनुमान दूरसंचार विभाग की पुष्टि के अधीन है।
दरअसल कंपनी के शेयरों की औसत कीमत 14 अगस्त 2021 के पार वैल्यू के नीचे थी। इसलिए सरकार को 10 रुपये प्रति शेयर के पार वैल्यू पर शेयरों का आवंटन किया जाएगा। यह प्रस्ताव भी दूरसंचार विभाग के मंजूरी के अधीन है। गौरतलब है कि इस कन्वर्जन के बाद वोडाफोन आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी 36 फीसदी से आसपास हो जाएगी।
वोडाफोन आइडिया ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि इसी महीने के शुरुआत में एक दूसरी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने सूचित किया था कि वो अपने बकाया स्पेक्ट्रम और एजीआर पर लागू ब्याज की राशि को रिफॉर्म पैकेज के तहत इक्विटी में कन्वर्ट करने का विकल्प नहीं अपनाएगी।
इसका मतलब ये है कि कि कंपनी सरकार को ब्याज के बदले 10 रुपए प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी करेगी। मोरेटोरियम का ब्याज करीब 16,000 करोड़ रुपए बनेगा। सरकार ने ही कंपनियों को इक्विटी के बदले मोरटोरियम का विकल्प दिया था। इसके तहत कंपनी सरकार को 35 फीसदी से ज्यादा इक्विटी देगी। कंपनी में प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग घटकर 46.3 फीसदी रह जाएगी। सरकार कंपनी में अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स नियुक्त करेगी।
Vodafone Idea में सरकार हिस्सेदारी लेगी, इसके बावजूद कंपनी को लेकर कई सवाल हैं। इसकी वजह से बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों में 10% से ज्यादा गिरावट आई। हालांकि बाद में यह संभल गया और सुबह 10.19 पर 2.50% ऊपर 117.46 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।