सबसे अधिक एसेट मैनेज करने वाली एनबीएफसी में शुमार SBFC Finance के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में शानदार एंट्री हुई। आईपीओ प्राइस के मुकाबले इसकी 44 फीसदी प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई और इंट्रा-डे में यह 67 फीसदी से अधिक उछलकर बीएसई पर 95.30 रुपये तक पहुंच गया था। दिन के आखिरी में यह 92.21 रुपये (SBFC Finance Share Price) पर बंद हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशक पहले दिन का कारोबार बंद होने पर 62 फीसदी मुनाफे पर बैठे हैं। अब आगे की बात करें तो अधिकतर मार्केट एक्सपर्ट ने 'मेक इन इंडिया' के दम पर MSME सेक्टर के ग्रोथ की संभावनाएं, एसबीएफसी फाइनेंस के मजबूत कारोबारी मॉडल, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और स्थिर एसेट क्वालिटी के चलते आईपीओ निवेशकों को लॉन्ग टर्म तक निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। हालांकि अगर मुनाफा चाहते हैं तो कुछ शेयर बेच भी सकते हैं। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स ने नए निवेशकों को अभी कुछ समय रुकने की सलाह दी है।
एक्सपर्ट क्यों दे रहे निवेश बनाए रखने की सलाह
स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च एनालिस्ट श्रेयांश शाह ने सलाह दी है कि एसबीएफसी फाइनेंस में अपना निवेश लॉन्ग टर्म तक बनाए रखें क्योंकि धीरे-धीरे फाइनेंशियल सेक्टर इकोसिस्टम में एनबीएफसी की महत्ता बढ़ रही है और एसबीएफसी फाइनेंस को इससे फायदा मिलेगा। श्रेयांश के मुताबिक इस एनबीएफसी का लोन पोर्टफोलियो कई राज्यों में है तो यह काफी डाइवर्सिफाई है। इसके अलावा क्रेडिट प्रोफाइलिंग और कॉरपोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर भी स्थिति पॉजिटिव है।
मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) और रिसर्च एनालिस्ट प्रशांत तापसे का कहना है कि वह इस सेक्टर और एमएसएमई पर फोकस कारोबारी मॉडल को लेकर पॉजिटिव हैं जो मीडियम से लॉन्ग टर्म में निवेश पर शानदार रिटर्न (RoI) दे सकता है। ऐसे में उन्होंने भी आईपीओ निवेशकों को इसके शेयरों में निवेश लॉन्ग टर्म तक बनाए रखने की सलाह दी है। SBFC Finance के कारोबार में एमएसएमई लोन की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक है। वहीं गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 17 फीसदी से अधिक है।
हेम सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्था जैन ने कुछ शेयर बेचने की सलाह दी है और बाकी शेयरों को लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड करने की सलाह दी है। आस्था ने इस कारण इसके शेयर रखने की सलाह दी है क्योंकि इस एनबीएफसी का कारोबार देश भर में है और इसका नेटवर्क तगड़ा है। देश के 16 राज्यों और 2 यूनियन टेरिटरीज में इसके 152 ब्रांच हैं। इसके अलावा इस एनबीएफसी के मजबूत वित्तीय स्थिति के चलते भी आस्था ने इस पर भरोसा जताया है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वित्त वर्ष 2019-23 के बीच सालाना 44 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) और लोन पोर्टफोलियो 40 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में इसका एयूएम 4943 करोड़ रुपये था जिसका 31 फीसदी उत्तर भारत से और 38 फीसदी दक्षिण भारत से और बाकी पश्चिमी और पूर्वी भारत से था।
SBFC Finance को लेकर नए निवेशकों को क्या करना चाहिए
अधिकतर एक्सपर्ट्स एसबीएफसी फाइनेंस के शेयरों को होल्ड करने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि यह सलाह उन्हीं पूर लागू होगी, जिन्हें इसके शेयर आईपीओ में अलॉट हुए हैं। अब नए निवेशकों को क्या करना चाहिए? इसे लेकर प्रशांत तापसे का जवाब है-इंतजार। उनका कहना है कि नए निवेशकों को फिलहाल इंतजार करना चाहिए और नजर रखनी चाहिए। उन्होंने 80 रुपये के आस-पास इसे खरीदने की सलाह दी है।
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