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एनर्जी, फार्मा से डिफेंस तक... ईरान-इजरायल संघर्ष से किन सेक्टर को होगा फायदा, जानिए डिटेल

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में कुछ सेक्टर फायदा उठा सकते हैं, जबकि कुछ निवेशकों को स्थिरता दे सकते हैं। जानिए एनर्जी, गोल्ड, डिफेंस और फार्मा जैसे सेक्टर क्यों चर्चा में हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 6:09 PM
एनर्जी, फार्मा से डिफेंस तक... ईरान-इजरायल संघर्ष से किन सेक्टर को होगा फायदा, जानिए डिटेल
इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग थीम लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

गुरुवार, 5 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण इस हफ्ते की शुरुआत में बाजार में तेज गिरावट आई थी। लेकिन अब निवेशकों ने गिरावट में खरीदारी शुरू कर दी। एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार में युद्ध जैसे हालात के बाद उतार-चढ़ाव अक्सर निवेश के मौके भी पैदा करता है। इतिहास बताता है कि ऐसे समय जो निवेशक घबराते नहीं और सही सेक्टर चुनते हैं, वही लंबी अवधि में फायदा उठाते हैं।

गिरावट के बाद आती है तेज रैली

पिछले 15 सालों का अनुभव बताता है कि भू राजनीतिक घटनाओं के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने कई बार मजबूती दिखाई है। 2022 में रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के दिन निफ्टी करीब 5% गिर गया था, लेकिन साल के अंत तक बाजार सकारात्मक रिटर्न के साथ बंद हुआ। इसी तरह 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी बाजार पर असर ज्यादा समय तक नहीं रहा और साल के अंत में निफ्टी ने दो अंकों में रिटर्न दिया।

Mahindra Manulife के CIO (Equities) कृष्णा सांघवी का कहना है कि बाजार भू राजनीतिक घटनाओं पर अक्सर तुरंत और तेज प्रतिक्रिया देता है। लेकिन ऐसे हालात धीरे धीरे सामान्य भी हो जाते हैं और रिकवरी भी उतनी ही तेजी से आ सकती है। Shriram Wealth की एक रिपोर्ट भी बताती है कि ऐसे संघर्षों के बाद वैश्विक बाजार आम तौर पर छह महीने के भीतर रिकवर हो जाते हैं।

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