Why Market Fall: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की बात कही लेकिन इसके बावजूद मार्केट में जोश नहीं आ पया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। फिलहाल 09:47 AM पर सेंसेक्स 640.77 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 78632.56 और निफ्टी 50 भी 162.20 प्वाइंट्स यानी 0.66% की फिसलन के साथ 24414.40 पर है। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक निफ्टी को 24,550-24,600 जोन में रेजिस्टेंस झेलना पड़ रहा है तो तत्काल सपोर्ट 24,400-24,300 पर मिल रहा है जिसके नीचे जाने पर यह 24,150 तक फिसल सकता है। मार्केट में बिकवाली की पांच अहम वजहों के बारे में यहां नीचे बताया जा रहा है।
मार्केट में गिरावट की मुख्य वजहें
US-Iran War की लेटेस्ट स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ाने का ऐलान तो किया लेकिन बातचीत पूरी होने तक होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रहने की बात भी कही तो इसका मार्केट में दबाव दिख रहा है।
कच्चे तेल में मामूली गिरावट
सीजफायर की बात ने कच्चे तेल पर दबाव बनाया और यह थोड़ा फिसल गया लेकिन अब भी यह प्रति बैरल $89 के ऊपर ही है। होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रहने के चलते कच्चा तेल अधिक नहीं टूट पा रहा है। इसने मार्केट पर दबाव बनाया है।
मार्केट में घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स 3.53% उछलकर फिलहाल 18.15 पर पहुंच गया है। इससे मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव
घरेलू स्टॉक मार्केट में आज आईटी शेयरों की बिकवाली ने तेज दबाव डाला है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएलटेक ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद मार्च 2026 तिमाही के आंकड़े जारी किए जोकि बाजार को नहीं पसंद नहीं और साथ ही गाइडेंस भी पहले के मुकाबले फीका लगा। इसने आईटी शेयरों पर आज दबाव बनाया। निफ्टी आईटी 3% से अधिक टूट गया। शुरुआती कारोबार में तो इसके 10 में से 10 स्टॉक्स लाल रहे और टॉप लूजर एचसीएलटेक को 9% से अधिक टूट गया। सेंसेक्स पर तो एक लाइन से लगातार तीन टॉप लूजर्स आईटी सेक्टर के हैं-एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
लगातार दो दिनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी आज मार्केट पर दबाव बनाया है। 20 और 21 अप्रैल को विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में करीब ₹3000 करोड़ के शेयरों की नेट बिकवाली की।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।