Sensex-Nifty क्यों पहुंचे रिकॉर्ड ऊंचाई पर? इन पांच वजहों ने भरी चाबी

Why Sensex-Nifty touched record high: बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। मार्केट पर बुल्स की पकड़ इतनी मजबूत थी कि कुछ सेक्टर के शेयरों की गिरावट भी इसे कमजोर नहीं कर सकी। जानिए मार्केट को किन शेयरों से सपोर्ट मिला और मार्केट की इस धमाकेदार तेजी की पांच अहम वजहें क्या हैं?

अपडेटेड Mar 01, 2024 पर 9:42 PM
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जीडीपी के बेहतरीन आंकड़ों पर सवार होकर बुल्स ने मार्केट को शानजार ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

Why Sensex-Nifty touched record high: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज खरीदारी का इतना तगड़ा रुझान दिखा कि कुछ सेक्टर्स के शेयरों की तेज बिकवाली भी इसे थाम नहीं सकी। दोनों की इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और Nifty 50 डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए और रिकॉर्ड लेवल पर बंद भी हुए हैं। निफ्टी मेटल आज 3 फीसदी से अधिक तो निफ्टी के बैंक, ऑटो और ऑयल एंड गैस के इंडेक्स 2 फीसदी से अधिक मजबूत हुए। सेंसेक्स आज 1245.05 प्वाइंट यानी 1.72 फीसदी के उछाल के साथ 73745.35 और निफ्टी 355.95 प्वाइंट्स यानी 1.62 फीसदी की बढ़त के साथ 22338.75 पर बंद हुआ है। यहां इनमें तेजी के कारणों के बारे में बताया जा रहा है।

उम्मीद से बेहतर GDP के आंकड़े

भारतीय इकनॉमी की रफ्तार अक्टूबर-दिसंबर 2023 में छह तिमाहियों में सबसे अधिक रही। मजबूत मैनुफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी के दम पर दिसंबर तिमाही में जीडीपी की रफ्तार 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक घरेलू मार्केट को आज सबसे तगड़ा सपोर्ट इसी ने दिया है। जीडीपी के बेहतरीन आंकड़ों पर सवार होकर बुल्स ने मार्केट को शानजार ऊंचाई पर पहुंचा दिया।


वैल्यूएशन को लेकर फिक्र हुई खत्म

मार्केट के वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई जा रही थी कि वैल्यूएशन काफी हाई है लेकिन अब जीडीपी के आंकड़ों ने इसकी चिंता दूर कर दी। HDFC सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड दीपक जसानी के मुताबिक जिस वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यह बहुत महंगा है, उसे जीडीपी कीे आंकड़ों से सपोर्ट मिल सकता है। इक्विट्री पीएमएस के एमडी पवन भराडिया के मुताबिक अभी जो वैल्यूएशन है, उसमें हाई ग्रोथ शामिल है और अब उम्मीद से बेहतर जीडीपी के जो आंकड़े आए हैं, वह ग्रोथ को सपोर्ट कर रहे हैं।

अमेरिकी इंफ्लेशन के बेहतर आंकड़े

अमेरिका में महंगाई दर से जुड़े आंकड़े अनुमान के मुताबिक ही आए जिससे यह उम्मीद बंधी है कि जून में फेडरल रिजर्व दरों में कटौती कर सकता है। दरों में कटौती का मतलब है कि मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

FII की खरीदारी

एक कारोबारी दिन पहले यानी 29 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3568 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की यानी खरीदारी और बिकवाली के बीच इतना फर्क रहा। हालांकि घरेलू इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) ने 230 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। पिछले दस वर्षों की बात करें तो विदेशी निवेशकों ने आठ बार मार्च में बिकवाली से अधिक खरीदारी की थी।

वैश्विक मार्केट से मजबूत संकेत

घरेलू स्टॉक मार्केट को वैश्विक स्तर पर मार्केट के मजबूत संकेतों से अच्छा सपोर्ट मिला। अमेरिकी महंगाई के बेहतर आंकड़े आने के बाद अमेरिकी मार्केट एसएंडपी 500 और नास्डाक कंपोजिट रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। वहीं एशियाई मार्केट की बात करें तो जापान का निक्केई भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। चीन और हॉन्ग कॉन्ग के मार्केट में शानदार तेजी से घरेलू मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला।

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