Stock Market Crash: शेयर बाजार में इन 5 कारणों से मचा हाहाकार, सेंसेक्स 850 अंक टूटा, निवेशकों के ₹7 लाख करोड़ डूबे

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को एक बार फिर से भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स 862.9 अंक गिरकर 75,430.70 पर आ गया। वहीं निफ्टी 257.3 अंक लुढ़ककर 22,814.50 पर पहुंच गया। यह लगातार छठवां दिन है, जब सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। इस गिरावट के चलते निवेशकों को करीब ₹7 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में इस गिरावट के 5 प्रमुख कारण क्या रहे

अपडेटेड Feb 12, 2025 पर 12:04 PM
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Stock Market Crash: मंगलवार 11 फरवरी को FIIs ने भारतीय बाजार में 4,486.41 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को एक बार फिर से भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स 862.9 अंक गिरकर 75,430.70 पर आ गया। वहीं निफ्टी 257.3 अंक लुढ़ककर 22,814.50 पर पहुंच गया। यह लगातार छठवां दिन है, जब सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। इस गिरावट के चलते निवेशकों को करीब ₹7 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। छोटे और मझोले शेयरों में भी बिकवाली जारी रही। वहीं रियल्टी शेयरों में आज सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। पिछले 6 दिनों में सेंसेक्स 2,800 अंक से अधिक टूट चुका है। वहीं निफ्टी करीब 900 अंक लुढ़क चुका है।

आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में इस गिरावट के 5 प्रमुख कारण क्या रहे-

1) डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नखरे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ फैसलों से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। यूरोपियन यूनियन (EU) ने इसका कड़ा जवाब देते हुए अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। यूरोपियन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा स तरह के टैरिफ पर हम "बिना जवाब दिए नहीं रहेंगे।" इस टैरिफ वॉर की आशंका ने बाजार में दबाव बढ़ा दिया है।


2) ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें धूमिल हुईं

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसलों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) पर दबाव बढ़ गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन, जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों में आगे कटौती नहीं होने का संकेत दे दिया है। यह शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे एक अहम कारण रहे। ब्याज दरें ऊंची रहने से भारत जैसे इमर्जिंग बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी बढ़ सकती है, जिससे भारतीय बाजारों पर नेगेटिव असर पड़ा है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, वह देश की इकोनॉमी से जुड़े मूल सिद्धांतों को नहीं बदल सकते। ऊंचे टैरिफ दर से अमेरिका में महंगाई बढ़ेगी, जिससे फेडरल रिजर्व को सख्त मॉनिटरी पॉलिसी अपनानी पड़ेगी। इससे अंत में अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट आ सकती है और उसके बाद उन्हें पॉलिसी में बदलाव की जरूरत पड़ेगी। तब तक, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।"

3) कमजोर Q3 नतीजों से निवेशकों की चिंता बढ़ी

दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों ने बाजार में और दबाव बढ़ा दिया। हाल ही में बर्जर पेंट्स, गोपाल स्नैक्स और आयशर मोटर्स जैसी कंपनियों के आए नतीजे भी उम्मीद से कमजोर रहे। इन कंपनियों की धीमी अर्निंग्स ग्रोथ ने बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया है।

4) स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के ऊंचे वैल्यूएशन चिंता का विषय

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में पिछले 2 महीनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। Nifty Smallcap Index अपने दिसंबर 2024 के उच्चतम स्तर से 20% से अधिक गिर चुका है, जबकि Nifty Midcap Index सितंबर के उच्चतम स्तर से 18% से अधिक गिरा है।

V K Vijayakumar ने सलाह दी कि "निवेशकों को बाजार की कमजोरी का फायदा उठाते हुए महंगे वैल्यूएशन वाले मिडकैप और स्मॉलकैप से हटकर, उचित भाव वाले लार्जकैप शेयरों में शिफ्ट करना चाहिए। टेक्निकल नजरिए से इनमें थोड़ी वापसी दिख सकती है, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते निकट भविष्य में आने वाली कोई भी तेजी सीमित रह सकती है।"

5) विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी

रुपये में कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों (FII) की ओर से भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकालना जारी है। मंगलवार 11 फरवरी को उन्होंने भारतीय बाजार में 4,486.41 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। फरवरी महीने में अबतक वे भारतीय बाजा से करीब 17,129.53 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। इससे पहले जनवरी में भी उन्होंने भारतीय बाजार से ₹78,027 करोड़ की बिकवाली की थी।

टेक्निकल चार्ट क्या दे रहा संकेत?

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट, आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी ने लगातार पांचवें दिन एक "बेयरशिश कैंडलस्टिक पैटर्न" बनाया है, जो कमजोरी का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि निफ्टी को 22,970 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह 22,970 के नीचे जाता है, तो गिरावट 22,775 और 22,500 तक बढ़ सकती है। वहीं ऊपर की ओर इसे 23,180 पर तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इस स्तर से ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो इंडेक्स में 23,350 और 23,500 तक की तेजी संभव है। निवेशकों को अभी सतर्क रहने और ओवरवैल्यूड स्टॉक्स से बचने की सलाह दी जा रही है।

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