Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में आज 17 फरवरी को लगातार नौवें दिन गिरावट का सिलसिला जारी है। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 644.45 अंक टूटकर 75,294.76 पर आ गया। वहीं निफ्टी 203.8 अंक या 0.88% टूटकर 22,725.45 पर आ गया। हालांकि बाद में इनमें थोड़ी रिकवरी देखी गई, लेकिन दोनों इंडेक्स लाल निशान में ही कारोबार कर रहे थे। अगर सेंसेक्स और निफ्टी आज भी लाल निशान में बंद होते हैं, तो यह इनमें पिछले 6 सालों की सबसे लंबी गिरावट हो जाएगी। इससे पहले आखिरी बार 30 अप्रैल से 13 मई 2019 के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लगातार 9 दिनों तक गिरावट के साथ बंद हुए थे और इस दौरान इनमें 5.16 फीसदी की गिरावट आई थी। अभी पिछले 8 दिनों में सेंसेक्स 2,644.6 अंक (3.36%) और निफ्टी 810 अंक (3.41%) गिर चुका है।
मार्केट एक्सपर्ट्स इस गिरावट के पीछे 4 मुख्य कारण बता रहे हैं-
वहीं BofA सिक्योरिटीज इंडिया के रिसर्च एनालिस्ट अमीश शाह के मुताबिक, "2025 में निफ्टी का रिटर्न सिंगल डिजिट में रह सकता है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में निगेटिव रिटर्न देखने को मिल सकता है।"
2) रुपये की कमजोरी (Rupee Depreciation)
सोमवर को भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली। रुपया शुरुआती कारोबार 5 पैसे गिरकर 86.76 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब है। रुपये की कमजोरी से आयात महंगा हो रहा है और महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण ग्लोबल व्यापार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशक ट्रंप के टैरिफ से जुड़ी घोषणाओं पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, "जब तक टैरिफ और कॉरपोरेट अर्निंग्स में सुधार को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।"
4) विदेशी निवेशकों की बिकवाली (FII Selling)
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों से 4,294.69 करोड़ रुपये निकाले। इस साल अब तक विदेशी निवेशक कुल 99,299 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं, जो 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर के करीब है। फरवरी के पहले दो हफ्तों में ही उन्होंने शेयर बाजार से 21,272 करोड़ रुपये निकाले, जबकि इससे पहले जनवरी में उन्होंने 78,027 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
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