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किस्मत या कैलकुलेशन! शुक्रवार की बिकवाली की आंधी से ठीक पहले, समीर अरोड़ा ने बेच दी इस ईटीएफ की यूनिट्स

हेलिओस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने एक ऐसे ईटीएफ को शुक्रवार को बाजार से ठीक पहले बेच दिया, जिसके बाद मार्केट में बिकवाली की आंधी चलने लगी। जानिए समीर अरोड़ा के इस रुझान की वजह और अब वह किन सेक्टर्स पर दांव लगा रहे हैं

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 08, 2026 पर 2:21 PM
किस्मत या कैलकुलेशन! शुक्रवार की बिकवाली की आंधी से ठीक पहले, समीर अरोड़ा ने बेच दी इस ईटीएफ की यूनिट्स
हेलिओस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर समीर अरोड़ा के मुताबिक निवेशकों को बाजार के हर रुझान में हिस्सा लेने की बजाय ब्रोडर स्ट्रक्चरल थीम पर फोकस करना चाहिए। उनका मानना है कि साल में सिर्फ एक ट्रेड ही काफी है। (File Photo- Pexels)

हेलिओस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने सोमवार (8 जून) को खुलासा किया कि उन्होंने शुक्रवार को बाजार खुलने से ठीक पहले सेमीकंडक्टर स्टॉक्स को ट्रैक करने वाले रखने वाले एक ईटीएफ (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) की यूनिट्स बेच दीं। इसके बाद मार्केट में भारी बिकवाली हुई, खासतौर से जोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी एटर्नल (Eternal) के शेयरों में, जिससे कारोबार खत्म होने तक नैस्डैक (Nasdaq) 4% नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि सभी ऑफशोर ईटीएफ लंदन में लिस्टेड हैं और एक दिन पहले ब्रॉडकॉम और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 8% की गिरावट के बाद फैसला ले लिया गया। उन्होंने कहा कि इनमें अधिक गिरावटट की गुंजाइश तो नहीं दिख रही है लेकिन सेमीकंडक्टर्स स्टॉक्स दो महीने में 60-70% ऊपर चढ़ गए जोकि काफी ज्यादा हैं।

मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक समीर अरोड़ा की हेलिओस क्लाइंट्स के ₹1350 करोड़ के पोर्टफोलियो को मैनेज कर रही है। साल 2020 से अब तक BSE500 TRI से 17.7% के रिटर्न की तुलना में इसका सबसे बड़ा पोर्टफोलियो हेलियोस इंडिया राइजिंग पोर्टफोलियो सालाना 16.9% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़ा है। इसके अलावा फर्म की म्यूचूअल फंड यूनिट अलग से अपने ग्राहकों के ₹1 हजार करोड़ मैनेज कर रही है।

बड़ी टेक कंपनियों पर बेयरेश होने की वजह?

इस समय स्पेसएक्स (SpaceX), एंथ्रॉपिक (Anthropic) और ओपनएआई (OpenAI) के आईपीओ को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। इन तीनों कंपनियों की कुल मिलाकर $3 ट्रिलियन से अधिक के वैल्यूएशन पर $20 करोड़ जुटाने की है। हालांकि समीर अरोड़ा का कहना है कि यहां यह ध्यान देने की जरूरत है कि कोई भी कंपनी बिना किसी और से हिस्सा छीने शून्य से $2 ट्रिलियन तक नहीं पहुंचती, इसके लिए किसी न किसी को $2 ट्रिलियन यानी $2 लाख करोड़ का मार्केट कैप गंवाना पड़ता है। उन्होंने एक उदाहरण से इसे समझाया कि एपल (Apple) का मार्केट कैप असामान्य रूप से बड़ा है क्योंकि उसने कई पुरानी कंपनियों जैसे सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems), फूजित्सू (Fujitsu) और एचपी (HP) के हिस्से का बाजार अपने पास खींच लिया।

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