Windfall Tax: सरकार ने स्थानीय रूप से उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स (windfall tax) में मामूली रूप से बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने विंडफॉल टैक्स में मामूली रूप से वृद्धि करते हुए इसे 4350 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 4400 रुेपये प्रति टन कर दिया है। जबकि डीजल पर इसे घटा दिया गया। डीजल पर निर्यात शुल्क (export duty) घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel (ATF) के लिए निर्यात शुल्क को समाप्त कर दिया गया। पेट्रोल के निर्यात विधिवत रूप से कोई शुल्क नहीं रहेगा। सरकार द्वारा लागू की गई नई दरें 4 मार्च से लागू की जायेंगी।
इसके पहले भारत ने 1 जुलाई, 2022 को पेट्रोल और एटीएफ पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लगाया था। तब सरकार ने पेट्रोल पर ₹6 प्रति लीटर निर्यात टैक्स लगाया था। जबकि डीजल पर ₹13 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया था।
उस समय सरकार ने घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स भी लगाया गया था।
इससे पहले तेल कंपनियों को सरकार ने बड़ी राहत देत हुए 16 फरवरी को देश में उत्पादित कच्चे तेल, डीजल और एटीफ के निर्यात पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में कटौती की थी। उस समय सरकार की तरफ से कहा गया था ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) जैसी कंपनियां जो कच्चा तेल निकालेंगी। उस पर 5050 रुपये प्रति टन की बजाय 4350 रुपये प्रति टन का शुल्क देन होगी।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर ये शुल्क हर पखवाड़े संशोधित किया जाता है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन और पेट्रोल, डीजल एवं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाए जाने से चालू वित्त वर्ष के लिए विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty (SAED) से 25,000 करोड़ रुपये एकत्र होने का अनुमान है।