IT कंपनी विप्रो 15,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक करने वाली है। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से 60 करोड़ शेयरों को वापस खरीदेगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून रखी गई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र होंगे। विप्रो ने बायबैक प्राइस 250 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
कंपनी के बोर्ड ने 16 अप्रैल को 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक प्रोग्राम को मंजूरी दी थी। इसमें प्रमोटर और प्रमोटर समूह के सदस्य भी हिस्सा लेने का इरादा रखते हैं। विप्रो लगभग 3 साल बाद शेयर बायबैक कर रही है। पिछला बायबैक जून 2023 में किया गया था। उस वक्त कंपनी ने 22 जून से 30 जून के बीच 12,000 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीदे थे। इसने 26.96 करोड़ इक्विटी शेयर हासिल किए थे। बायबैक प्राइस 445 रुपये प्रति शेयर था।
Wipro का शेयर साल 2026 में अब तक 24 प्रतिशत कमजोर
विप्रो के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर की कीमत BSE पर शुक्रवार, 22 मई को 203.10 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 2.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। यह साल 2026 में अब तक 24 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 72.62 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का उच्च स्तर 273.15 रुपये और निचला स्तर 186.50 रुपये है।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान विप्रो का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 1.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,501.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 3,569.6 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गई। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की तुलना में मुनाफा 12.2 प्रतिशत और इनकम 2.8 प्रतिशत बढ़ी। कंपनी के आईटी सर्विसेज सेगमेंट ने मार्च 2026 तिमाही में 265.1 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में विप्रो का शुद्ध मुनाफा 0.47 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 3.96 प्रतिशत बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये रहा।
Wipro के शेयर पर ब्रोकरेज की राय
Wipro को कवर करने वाले 45 एनालिस्ट्स में से 11 ने 'बाय' रेटिंग दी है। 19 ने 'होल्ड' की सलाह दी है, और 15 ने 'सेल' की सलाह दी है। कंपनी के मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के बाद मॉर्गन स्टेनली ने 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखी और प्राइस टारगेट को घटाकर 194 रुपये प्रति शेयर कर दिया। इसका कारण उम्मीद से कम ऑर्गेनिक ग्रोथ और कमजोर गाइडेंस बताया गया। नोमुरा ने 250 रुपये के टारगेट के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और तिमाही को मिला-जुला बताया। JPMorgan ने शेयर के लिए 200 रुपये के टारगेट के साथ 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 'सेल' रेटिंग के साथ 190 रुपये का टारगेट बरकरार रखा।
CLSA ने 194 रुपये के टारगेट के साथ 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने भी 210 रुपये के टारगेट के साथ अपनी 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि रिकवरी की संभावना अभी भी कमजोर बनी हुई है। बायबैक से कम समय के लिए स्टॉक को सहारा मिल सकता है, लेकिन यह लंबे समय के लिए कोई बहुत बड़ा ट्रिगर नहीं है। ICICI Securities ने 200 रुपये का प्राइस टारगेट और 'होल्ड' रेटिंग दी है। मोतीलाल ओसवाल ने भी 'होल्ड' रेटिंग के साथ 215 रुपये प्रति शेयर का टारगेट सेट किया है।
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