विप्रो का प्रदर्शन चौथी तिमाही में कमजोर रहा। रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से कम रही। यह लगातार दूसरा वित्त वर्ष (2024-25) है, जब कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट आई है। हालांकि, मार्जिन के लिहाज से प्रदर्शन अच्छा रहा। चौथी तिमाही में ऑर्डर इनफ्लो भी अच्छा रहा। मैनेजमेंट की कमेंट्री में जोर सावधानी पर रहा है, जिससे पता चलता है कि नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का गाइडेंस काफी कमजोर है। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।
