13.77 फीसदी की बढ़त के साथ, भारतीय इक्विटी बाजार के मार्केट वैल्यू में जून तिमाही में दुनिया के टॉप 10 देशों में अब तक सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली है। विदेशी निवेशकों की तरफ से हो रहे जोरदार निवेश और मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक स्थितियों का इसमें सबसे ज्यादा योगदान रहा है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों से पता चलता है कि 3.48 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू के साथ भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी बाजार है। भारत ने दिसंबर 2020 तिमाही के बाद से अपने कुल मार्केट कैप में में सबसे तेज बढ़त दर्ज की है।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि 45.90 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप वाले अमेरिका में जून तिमाही में मार्केट कैप में 6.38 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि चीन के 10.02 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में जून तिमाही में मार्केटकैप मेंं 8.46 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जून तिमाही में टॉप 10 देशों के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट चीन में ही हुई है।
जापान के बाजार का मार्केट कैप 45.90 ट्रिलियन डॉलर है। जून तिमाही में जापान के मार्केट कैप में 3.11 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। लेकिन 5.13 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाले हांगकांग के मार्केट कैप में जून तिमाही में 5.19 फीसदी का संकुचन देखने को मिला है। इसी तरह जून तिमाही में फ्रांसीसी बाजार के मार्केट कैप में भी 1.69 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि इंग्लैंड के बाजार के मार्केट कैप में 0.14 फीसदी की मामूली बढ़त देखने को मिली है।
9.5 फीसदी की बढ़त के साथ जून तिमाही में सऊदी अरब मार्केट कैप के विस्तार के मामले में 10 बड़े बाजारों के इस लीग में दूसरे स्थान पर रहा है। जबकि कनाडा के मार्केट कैप में 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
मानसून में कमजोरी की संभावना के बावजूद बाजार में तेजी रहेगी जारी
रूस में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में और बढ़ोतरी शुरू करने के साथ ही पिछली कुछ तिमाहियों में बाजार सुस्त रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कई प्रयास करने के बाद, निफ्टी आखिरकार अपने पिछले उच्चतम स्तर को पार करने में कामयाब रहा। मजबूत संस्थागत खरीद, अच्छी मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति और कंपनियों की आय में मजबूत बढ़त ने घरेलू बाजार को नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ाया है। यहां तक कि मौजूदा वैल्यूएशन भी एक साल आगे के 19x पीई पर उचित है, जो पिछले शिखर पर 24x के उच्च स्तर को छू गया था। मॉनसून के दस्तक देने और आरबीआई द्वारा दरों पर रोक लगाने के साथ कंपनियों की कमाई में मजबूती जारी रहने की संभावना है। मौजूदा वैल्यूएशन पर बाजार में तेजी जारी रहने और उत्साह बने रहने की उम्मीद है। खेमका का कहना भू-राजनीतिक परेशानियों और मानसून में कमजोरी की संभावना के बावजूद बाजार में तेजी जारी रहेगी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।